मैनपुरी। जिले के गांवों में हैंडपंप लगाने के लिए किए गए दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सरकार की ओर से प्रत्येक विधायक को सौ-सौ हैंडपंपों का कोटा तो दे दिया गया, लेकिन इन्हें लगाने के लिए ग्रांट अभी तक नहीं दी गई है। वहीं ग्रांट नहीं मिलने के कारण जल निगम के द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
प्रदेश सरकार ने प्रत्येक विधायक के खाते में सौ-सौ हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत जिले में भी सभी विधायकों को हैंडपंप लागने के निर्देश दिए। साथ सभी विधायकों से कार्ययोजना भी मांगी गई थी, लेकिन सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सरकार अभी तक बजट नहीं भेज सकी है। करहल के एमएलसी अरविंद प्रताप यादव ने अभी तक जल निगम को सूची नहीं सौंपी है।
जिले में एक हैंडपंप लगाने के लिए 52,300 रुपये का खर्चा आता है। जिले में छह से 20 मीटर तक मिलता है वाटर लेवल।
जिले के कई दूरदराज के गांवों में पर्याप्त नल नहीं होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मियों में यह परेशानी और भी भयंकर रूप धारण कर लेती है। इस दौरान कई जगहों पर पानी भरने के लिए लोगों को लाइन में लगे हुए देखा जा सकता है।
अभी तक सरकार की ओर से कोई ग्रांट नहीं आई है। ग्रांट आने पर ही हैंडपंप लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
ओमवीर दीक्षित, अधिशासी अभियंता जल निगम