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खादर की जमीन के सीमांकन पर होगी विधानसभा में चर्चा

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up vidhan sabha - फोटो : amar ujala
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कासगंज।
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जिले में गंगा की खादर की जमीन का सीमांकन न होने के कारण आए दिन होने वाले खूनी संघर्ष की घटनाओं के रोकथाम के लिए पटियाली के विधायक ममतेश शाक्य ने विधानसभा में सवाल डालकर सीमांकन की पहल की है। विधानसभा में चर्चा के लिए नियम 301 के अंतर्गत डाले गए इस सवाल को चर्चा के लिए मंजूरी मिल गई है।


गौरतलब है कि गत वर्ष दिसंबर में ही किलौनी किसौल गांव के ग्रामीणों के बीच खादर की जमीन पर कब्जों को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्ष के 5 लोगों की जानें गईं। इस घटना के बाद से खादर की जमीनों पर सीमांकन के मामले को लेकर तहसील प्रशासन पर दबाव बढ़ा, लेकिन पटियाली तहसील का प्रशासन सीमांकन को लेकर कार्य नहीं कर सका। जिसको लेकर सीमांकन के विवाद की स्थिति लगातार बनीं हुई हैं।
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जिले में गंगा की खादर का इलाका कासगंज, सहावर और पटियाली तीनों की तहसील क्षेत्रों में है। हजारों हेक्टेयर जमीन गंगा की खादर में है। जिस पर राजस्व प्रशासन से मिली भगत करके तमाम दबंग लोगों ने कब्जे जमा रखे हैं। खादर की जमीनों का विवाद न केवल अपने ही जनपद के ग्रामीणों के बीच हैं, बल्कि गंगा के दूसरे किनारे के जनपद बदायूं क्षेत्र के ग्रामीणों के भी कब्जे बने हुए हैं। किसानों और अलग अलग जनपदों के किसानों के बीच संघर्ष की कई बार घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जिला प्रशासन सीमांकन की समस्या का निस्तारण नहीं करा पा रहा।


अब पटियाली विधायक ने मामले को विधान सभा में चर्चा के लिए रखा है तो कुछ निष्कर्ष निकलने के आसार हैं। क्योंकि जिले में सीमांकन के कार्य के लिए विधायक ने एसडीएम, तहसीलदार व दस लेखपालों के विशेष नियुक्ति की मांग की है।
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- खादर की जमीन का सीमांकन की बड़ी समस्या है। सीमांकन को लेकर ग्रामीणों के बीच बड़ी संघर्ष की घटनाएं होतीं हैं। हजारों बीघा भूमि की पैमाइश कराकर स्थायी समाधान की जरूरत है। इस समस्या का हल होने पर किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और संघर्ष की घटनाएं भी रुकेंगी। जिले के खादर के इलाकों के किसानों की यह बड़ी समस्या है। जिसके लिए विधानसभा में चर्चा की जाएगी-
ममतेश शाक्य, विधायक पटियाली
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