फिरोजाबाद। थाना टूंडला के गांव राजा का ताल (खेड़ा) में आठ वर्षीय बालिका की गोली मारकर हत्या के बाद शव को दफना दिया। बालिका की हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुधवार को गड्ढे से शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम को भेजा है। बालिका के परिवारीजन घर में ताला लगाकर फरार हो गए। पुलिस ने उसके बाबा को हिरासत में ले लिया है।
बुधवार सुबह राजा का ताल खेड़ा निवासी खुशबू (आठ) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बालिका की हत्या करने के बाद उसके शव को घर के निकट की बाजरा के खेत के किनारे गड्ढा खोदकर उसमें दफन कर दिया। घटना के बाद सभी ने चुप्पी साध ली। पुलिस को किसी तरह राजा का ताल में बालिका की हत्या किए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना पुलिस हरकत में आई।
राजा का ताल चौकी प्रभारी केपी सिंह पुलिस बल के साथ गांव राजा का ताल में पहुंचे तो देखा कि बालिका के परिजन ताला लगाकर पहले ही फरार हो गए थे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बालिका के शव को गड्ढे से बाहर निकाला तो दंग रह गई। बालिका का शव लहूलुहान अवस्था में था। उसके सीने एवं हाथ में गोली लगने के निशान था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बालिका को पीठ पर गोली सटा कर मारी गई है। गोली पीठ से पार सीने से ऊपर निकल गई।
पुलिस ने बालिका के शव को पोस्टमार्टम को जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने बालिका के बाबा लटूरी सिंह यादव को हिरासत में ले लिया है। एसपी सिटी राजेश सिंह, सीओ सिटी डा. अरुण कुमार सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर पड़े खून के सैंपल पुलिस ने लिए हैं। प्रभारी निरीक्षक टूंडला भानु प्रताप सिंह ने कहा कि बालिका की गोली मारकर हत्या की है।
प्रभारी निरीक्षक टूंडला भानु प्रताप सिंह ने बताया बालिका के पीठ में सटाकर गोली मारी गई है। संभवता बालिका ने बचाव को दाहिना हाथ सीने में रख लिया होगा। इस कारण गोली सीने में लगकर हाथ को पार करके निकली है।
ग्रामीणों की मानें तो खुशबू की गोली लगने के बाद उसे लहूलुहान अवस्था में उपचार कराने के लिए प्राइवेट डाक्टर के पास दौड़े थे। डाक्टर के मृत घोषित करने के बाद ही उसके शव को खेतों में दफन कर दिया था।
बाबा लटूरी सिंह ने बताया कि बालकिशन के तीन बेटियां हैं। इसमें खुशबू सबसे बड़ी थी। वह गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ती थी। दूसरे नंबर की चिरैया छह वर्ष एवं तीन वर्ष के साक्षी सबसे छोटी है। बाल किशन अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर का है। वह ट्रैक्टर चलाने, खेती का काम करता है। बताते हैं पत्नी रूबी से मायके जाने को लेकर विवाद होता रहता था।
राजा का ताल में दहशत भरा माहौल दिखाई दिया। ग्रामीण घटना के संबंध में मुंह खोलने को तैयार नहीं है। परिवार के बारे में कोई कुछ नहीं बताया। अधिकांश ग्रामीण यही बोले कि मैने तो परिवार को कभी देखा ही नहीं। एक युवक ने घटना के संबंध में जानकारी देनी चाही तो गांव की महिलाओं ने उसे हड़का कर चुप कर दिया।