मैनपुरी। जो समाज संगठित और जागरूक नहीं होता वह विकास नहीं कर सकता है। समाज को आगे बढ़ाने में युवाओं की सक्रियता जरूरी है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समाज के लोगों को आगे आना चाहिए। बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा को जीवंत रखकर समाज में खुशहाली लाई जा सकती है। यह बातें श्री माथुर चतुर्वेदी महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन पर महासभा के सभापति कमलेश चंद्र पांडेय ने कहीं।
पुरानी मैनपुरी स्थित मंदिर श्रीबिहारी जी महाराज परिसर में शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय त्रैवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने के लिए पूरे देश से प्रतिनिधि आए हैं। शनिवार की सुबह मंदिर में पूजन के बाद राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हुआ। महासभा के सभापति ने कहा समाज की पूरे देश में अलग पहचान है। समाज के कई लोग आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईएफएस की सेवा से बेदाग सेवा निवृत हुए हैं।
समाज की कई महिलाओं ने भी अपनी प्रतिभा तथा क्षमता से नाम रोशन किया है। सरकार अब बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है। पर, इस समाज में बेटियों को शुरू से ही हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया गया है। समाज के युवाओं को अब जागरुक और संगठित होने की जरुरत है। बुजुर्गों के सम्मान की बजह से हमारी पहचान है उसे युवा बनाए रखने में आगे आएं। अधिवेशन में राष्ट्रीय सचिव डा. प्रदीप चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष अविनाश चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष महेशचंद्र चतुर्वेदी, पूर्व सभापति भरतचंद्र चतुर्वेदी, राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन चतुर्वेदी आदि ने विचार व्यक्त किए। संचालन राहुल चतुर्वेदी तथा डा. प्रदीप चतुर्वेदी ने किया।
अधिवेशन में हरेश चतुर्वेदी, मनमोहन उर्फ गोपाल चतुर्वेदी, भुवन चतुर्वेदी, मोहन स्वरूप चतुर्वेदी, मणिकांत चतुर्वेदी, छम्मन चतुर्वेदी, मनोज चतुर्वेदी, प्रशांत उर्फ मिंकू चतुर्वेदी, देवेश चतुर्वेदी, प्रवीन उर्फ गुड्डू चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।