आगरा। सड़क बनाने के बाद ठेकेदार अब अपने काम से पल्ला नहीं झाड़ सकेगा। उसे पांच साल तक उस सड़क का रखरखाव करना होगा। इसके लिए गारंटी के तौर पर योजना लागत की पांच फीसदी धनराशि इस समयावधि के लिए रोक ली जाएगी।
एक बार सड़क बनाने के बाद ठेकेदार गायब हो जाते हैं। निर्माण कार्य की सुध तक नहीं लेते। गुणवत्ता के अभाव में कुछ दिन बाद ही सड़क जर्जर हो जाती है। ठेकेदार पलटकर नहीं देखते और सरकारी धन का लोगों को कोई लाभ भी नहीं मिल पाता। मगर, अब ऐसा नहीं हो सकेगा। कम से कम पांच साल तक क्षेत्रीय लोग बेहतर सड़क का भरपूर उपयोग कर सकेंगे।
इस संबंध में प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी नगर निगमों को आदेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक, नगरीय सड़क सुधार योजना तथा नगर निकायों को सड़कों के निर्माण/पुनर्निर्माण के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत निकायों की नई सड़कों व क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण कार्य स्थलीय एवं कार्य की आवश्यकता के अनुरूप इंटरलॉकिंग व सीमेंट कंकरीट से कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पांच साल तक ठेकेदार इसका रखरखाव भी करेगा। इस योजना का पूरा भुगतान तभी किया जाएगा, जब इस समयावधि के बाद सड़क की दशा ठीक मिलेगी।