टूंडला। रविवार को टूंडला से दिल्ली जा रही टूंडला-अलीगढ़-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन के कोच में दो बार धुआं उठने की सूचना से अफसरों में हड़कंप मच गया। गेटमैन की सूचना पर ट्रेन को दिल्ली रेलखंड के चमरौला रेलवे स्टेशन पर रोकने के बाद रद्द कर दिया गया।
रेल प्रशासन ने ट्रेन में सवार यात्रियों को टूंडला से डेढ़ घंटे बाद पहुंची दूसरी पैसेंजर ट्रेन में बैठा कर रवाना किया। तब जाकर रेल अधिकारियों और यात्रियों ने राहत की संास ली। गनीमत रही कि यात्रियों ने चलती ट्रेन में धुआं निकलते नही देखा वर्ना कोच में भगदढ़ मचने और यात्रियों के गिरने से कई जाने जा सकतीं थीं।
टूंडला से सुबह 630 बजे रवाना हुई टूंडला-अलीगढ़-दिल्ली पैसेंजर ने जैसे ही बरहन रेलवे स्टेशन पार किया तो गेट्र्रमैन ने एक कोच से धुआं निकलते देख मुख्य नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। नियंत्रण कक्ष ने तुरंत चालक को ट्रेन रोक कर चेक करने के निर्देश दिए गए। चालक ने ट्रेन रोककर चेक किया और कोच के चक्कों में आई तकनीकी खराबी को ठीक कर चालक ट्रेन लेकर चल दिया।
इसके बाद ट्रेन जब चमरौला रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो एक बार फिर कोच से धुंआ निकलता देख गेटमैन ने मुख्य नियंत्रण कक्ष को जानकारी दी। जिस पर ट्रेन को वहीं रोकने के बाद रेल प्रशासन ने आठ बजे रद्द कर दिया।
रेल अफसरों ने टूंडला से जाने वाली दिल्ली पैसेंजर को डेढ़ घंटे बाद चमरौला स्टेशन भेज कर टीएडी में सवार करीब 2200 यात्रियों को शिफ्ट कर रवाना किया गया। ट्रेन लेट होते देख टीएडी में सवार कई यात्री बसों और निजी वाहनों में सवार होकर चले गए। भीषण गर्मी से परेशान कुछ यात्रियों की ट्रेन डेढ़ घंटे तक रोकने पर स्टेशन मास्टर से हॉटटॉक हो गई। कोच से धुआं निकलने के पीछे रेल अधिकारी ब्रेक शू में तकनीकी खराबी बता रहे हैं।