मथुरा। अब एचआईवी पीड़ित छात्रों को कॉलेज संचालक नहीं निकाल सकेंगे। एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद पूरे प्रदेश में सरकार ने ये फरमान जारी कर दिया है।
एचआईवी की जानकारी होने के साथ ही कॉलेज संचालक छात्रों को बाहर कर दिया करते थे। इस आशय की शिकायतें लगातार अफसरों के सामने आती रहीं है। बीते दिनों एक याचिका की सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने ऐसे छात्रों को न निकाले जाने के आदेश दिये।
इस पर सरकार के विशेष सचिव मधु जोशी ने राज्यों की सभी यूनिवर्सिटी के कुलसचिव और उच्च शिक्षा के निदेशक को पत्र लिखकर आदेश जारी किया। इसमें स्पष्ट किया गया कि एचआईवी पीड़ित या फिर एड्स पीड़ित छात्रों को सरकारी अथवा निजी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश से न रोका जाए और न ही ऐसे बच्चों को इस आधार पर शिक्षण संस्थाओं से बाहर निकाला जा सकता है।
मथुरा में है 1200 परिवार
मथुरा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मथुरा में 900 लोग रजिस्टर्ड हैं जो एचआईवी से ग्रसित हैं कुछ परिवार ऐसे भी है जो पंजीकृत नहीं हो सके हैं। ऐसे में मथुरा में 1200 लोगों के होने का अनुमान है।