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सिविल एन्क्लेव के लिए पीआईएल

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आगरा। बीते साल अक्तूबर से प्रदेश सरकार धनौली में प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव की जमीन अधिग्रहण के लिए 65 करोड़ रुपये जारी करने का वादा कर रही है, लेकिन तीन बार मुख्यमंत्री, दो बार सांसद कठेरिया और एक बार मंडलायुक्त के एलान के बाद भी बजट जारी नहीं हुआ। अब इस मुद्दे पर सिविल सोसायटी आगरा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दो अगस्त को हाईकोर्ट ने उनकी जनहित याचिका स्वीकार करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग को दो सप्ताह में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
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सिविल सोसायटी अध्यक्ष शिरोमणि सिंह ने बताया कि राज्य सरकार हर बार बजट के लिए गलतबयानी कर रही है। न्याय पालिका से गुहार लगाना अब मजबूरी है। नगर निगम सदन ने बहुमत से एयरपोर्ट का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन सरकार एक साल से 65 करोड़ रुपये जारी नहीं कर रही। आगरा के पर्यटन उद्योग पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।

सिविल सोसायटी की ओर से यह याचिका अधिवक्ता अकलंक जैन ने दायर की है। सोसायटी महासचिव अनिल शर्मा ने कहा कि दो बार मुख्यमंत्री वादा कर चुके हैं, लेकिन बजट सत्र बीतने के बाद भी बजट आवंटित नहीं हुआ। याचिका में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाले सिविल एन्क्लेव की मांग की गई है। वार्ता के दौरान भारत भूषण गप्पी, राजीव सक्सेना, बृज किशोर शर्मा, भुवनेश श्रोतिय, दिनेश राठौर आदि मौजूद रहे।
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सांसद कठेरिया के कोरे वायदे
पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद रामशंकर कठेरिया बीते साल अक्तूबर से वादा कर रहे हैं कि 15 दिनों में सिविल एन्क्लेव का बजट जारी हो जाएगा। इस साल मार्च में प्रदेश सरकार बनने के बाद तो अप्रैल में वादा किया, लेकिन फिर जून में कहा कि जुलाई में शिलान्यास हो जाएगा। अगस्त में भी सिविल एन्क्लेव की बाकी जमीन के अधिग्रहण के लिए न तो बजट जारी हुआ और न ही शिलान्यास के आसार नजर आ रहे हैं। कठेरिया के कोरे वायदों को लेकर भी सिविल सोसायटी में आक्रोश नजर आया।
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