फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पार्श्वनाथ को चढ़ाया 106 किलो का लाडू

विज्ञापन
पूजा करते भ्‍ाक्‍त - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
फिरोजाबाद। रत्नत्रय नसियाजी मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाणोत्सव एवं आचार्य चैत्यसागर महाराज का 25वां संयम उत्सव धूमधाम एवं आस्था के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने 108 किलो का रत्न जड़ित लाडू 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के समक्ष अर्पित किया।
विज्ञापन


शनिवार सुबह मूलनायक प्रतिमा का अभिषेक पूजन एवं शांतिधारा की गई। मंगलाचरण गगन जैन ने किया। दिलीप जैन हरीबाबू जैन ने चित्रानावरण किया। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन विवेक जैन ने किया। शास्त्र भेंट अतुल जैन ने किए। इसके बाद आचार्यश्री के 25वें संयम दिवस पर महिला मंडल गांधीनगर और वर्धमान महिला मंडल ने पूजन किया। क्षुल्लिका शाश्वत माताजी ने कहा कि कमट ने दस भव तक पार्श्वनाथ भगवान पर उपसर्ग किए लेकिन वह तपस्या में लीन रहे। आचार्य चैत्यसागर ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि अपनी आत्मा की पवित्रता बनाए रखने के साथ भगवान की तरह बनने का प्रयत्न करना चाहिए। सिर्फ लाडू चढ़ाने से काम नहीं बनता।

संयम से साथ ज्ञान, विवेक धर्म में स्वयं को तल्लीन रखना चाहिए। प्रवचन के बाद निर्वाण पाठ का वाचन किया गया। पालकी में सजाकर लाडू को मंदिर की तीन परिक्रमा कराई और पार्श्वनाथ भगवान की वेदी के समक्ष अर्पित किया। संचालन सुशील जैन और संजय जैन पीआरओ ने किया। इस दौरान अभिषेक जैन, अनुज जैन, सत्येंद्र जैन, जितेंद्र जैन, डा. महेंद्र जैन, प्रवीन जैन, अजय जैन बजाज, हेमेंद्र जैन, विजय जैन, अशोक जैन, विनोद जैन, प्रदीप जैन उपस्थित रहे।
विज्ञापन


शहर के गांधी नगर स्थित जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण लाडू विधिविधान से चढ़ाया। शांतिधारा जिनेंद्र कुमार जैन ने की। इसके अलावा अट्टा वाला जैन मंदिर, छदामीलाल जैन मंदिर, नईबस्ती जैन मंदिर, गली लोहियान मंदिर में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।

राजा के ताल में रही भक्ति की धूम
फिरोजाबाद। राजा का ताल स्थित पार्श्वनाथ जिनालय में यादवेंद्र महाराज के सानिध्य में भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाणोत्सव धूमधाम से मनाया। मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं ने लाडू अर्पित किए।
श्रीजी का अभिषेक विधिविधान से किया गया और निर्वाण लाडू चढ़ाया। प्रवचन के दौरान मुनि यादवेंद्र सागर ने तीर्थंकर पार्श्वनाथ के उपसर्ग के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर डा. बीके जैन, सुभाष जैन, सुविधि जैन, अनिल बाबू, पूनम जैन, रजनी देवी, नितिन जैन उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें