टूंडला। टूंडला स्टेशन पर अवध एक्सप्रेस के पहुंचते ही यात्रियों का भय आक्रोश में बदल गया। उन्होंने चेन पुलिंग कर ट्रेन को चलने ही नहीं दिया। यात्री रेल प्रशासन से सुविधा और सुरक्षा की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि लंबी यात्रा के दौरान एसी बंद कर दिए गए हैं। खिड़कियाें के शीशे टूटे पड़े हैं। ऐसे में यात्री कठिन होगी। मध्यरात्रि बाद टूटे शीशों के रिपेयर होने के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ी।
परिक्रमार्थियों के पथराव के बाद अवध एक्सप्रेस ट्रेन को फोर्ट स्टेशन लाया गया। वहां दहशत में आए यात्रियों ने रेल अधिकारियों को घटना की जानकारी देते हुए ट्रेन के एसी कोच बी-1, बी-2 व बी-3 के टूटे शीशों को ठीक कराने की मांग की लेकिन रेल प्रशासन ने पांच मिनट बाद ही टूंडला स्टेशन पर शीशे ठीक करने की बात करते हुए रवाना कर दिया। टूंडला पहुंचने पर यात्रियों ने टूटे शीशे सही कराने को कहा लेकिन रेल प्रशासन ने निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन को चला दिया।
इससे यात्रियों का गुस्सा भड़क गया। यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया। रेल चालक ने कई बार ट्रेन को चलाने का प्रयास किया पर यात्रियों ने ट्रेन को चलने नहीं दिया। जानकारी मिलने पर जीआरपी, आरपीएफ मौके पर पहुंची तथा कानपुर पर शीशे ठीक कराने की बात कही लेकिन यात्री नहीं माने। मौके पर पहुंचे स्टेशन अधीक्षक अमर सिंह ने टूटे शीशों को रिपेयर करवाया तब जाकर करीब एक घंटे बाद रात 12.55 बजे ट्रेन को गंतव्य को रवाना किया गया।
यह था मामला
बांद्रा से चलकर गोरखपुर जाने वाली 19038 अवध एक्सप्रेस रविवार रात 10 बजे करीब आगरा के ईदगाह स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन स्टेशन से थोड़ा आगे निकलकर रुकी तभी शिव मंदिरों में परिक्रमा कर रहे परिक्रमार्थियों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया। सैकड़ों की संख्या में पथराव कर रहे लोगों को देख यात्रियों में दहशत फैल गयी। पत्थरों से बचने को यात्री सीटों के नीचे छुपकर खुद को बचाया।