आगरा। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक किसान नेता वीएम सिंह का कहना है कि ब्रज के आलू उत्पादक किसान परेशान हैं, कर्ज के बोझ तले दबे हैं, आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं, हक की लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार हैं लेकिन एकजुट नहीं है।
उन्होंने कहा कि आलू किसानों को भी अपने अधिकार की लड़ाई वैसे ही इकट्ठा होकर लड़नी चाहिए जैसे गन्ना किसान लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने और स्वामिनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने के लिए मंगलवार को 163 किसान संगठन दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
वीएम सिंह सोमवार को किसान मुक्ति यात्रा के साथ ताजनगरी पहुंचे थे। यात्रा छह जुलाई को मध्य प्रदेश के मंदसौर से शुरू हुई थी। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा होते हुए यूपी में आगरा पहुंची। यहां से दिल्ली के लिए रवाना हो गई।
वीएम सिंह और स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव समेत मुक्ति यात्रा में शामिल सभी किसान नेता आगरा जनपद में पिछले दिनों आत्महत्या करने वाले किसानों के घर गए और उनके परिवार का दुख दर्द साझा किया।
उन्होंने आलू के दाम गिरने से आ रही परेशानियों पर खंदौली समेत जगह-जगह चल रही किसानों की पंचायतों में भी शिरकत की। वीएम सिंह ने कहा कि पिछले 15 दिनों में आठ किसानों ने आत्महत्या की है। सभी 35 से 45 साल के हैं। अब समय आ गया है, जब आलू किसानों को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी चाहिए।
योगेंद्र यादव ने भी यही कहा कि एकजुट होकर ही सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है। आलू उत्पादक संघ ने किसान मुक्ति यात्रा का समर्थन किया है।
किसान मुक्ति यात्रा की दो ही मांगे हैं। पहली किसानों का पूरा कर्ज माफ। दूसरी स्वामिनाथन की रिपोर्ट लागू कर फसल का वाजिब दाम दिया जाए।