फिरोजाबाद। सपा नेता पिंटू राणा की हादसे में हुई मौत के मामले में नया मोड आने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन में भी हडकंप है। मेरठ से मामले को तूल मिलता देख पुलिस के अधिकारी घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने लगे हैं।
एक जुलाई को आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर नसीरपुर थाना क्षेत्र में सुबह हुई घटना से तब हडकंप मच गया था तब पता चला कि हादसे में सपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव के करीबी पिंटू राणा की मौत हुई है।
कार में सवार पिंटू के दोस्त प्रदीप गर्ग और चालक दिनेश घायल हुए थे। दोनों को सैफई के अस्पताल भेजा गया था जबकि पिंटू राणा के शव को जिला अस्पताल लाया गया। शिवपाल यादव के फोन पर उनके करीबी पूर्व विधायक रामवीर यादव शिकोहाबाद पहुंच गए थे।
शिवपाल यादव के कहने पर ही दोनों घायलों को शिकोहाबाद से फिरोजाबाद जिला अस्पताल भेजने की वजाए सैफई भेजा गया था। इसमें चालक दिनेश पूरी तरह से होश में था। घटना के करीब 15 मिनट बाद पीआरबी नंबर चार पहुंची थी। एचसीपी पुरुषोत्तम के अनुसार जब वह घटना स्थल पर पहुंचे तब काफी भीड एकत्रित हो गई थी। पिंटू राणा जमीन पर पडे थे। उनके सिर से खून बह रहा था।
मौके पर ही उनकी मौत हो गयी थी। माना जा रहा है हादसे के दौरान कार का गेट खुलने पर पुलिया से उनका सिर टकराया है इससे उनकी मौत हो गई। थाना प्रभारी नसीरपुर भी घटना स्थल पर पहुंच थे।
पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचे सपा नेता शिवपाल यादव और उनके साथ आए जयचंद्र भदौरिया ने हादसे से जुड़े तथ्यों को काफी बारीकी से पुलिस से पूछा था। साथ में मौजूद शिवपाल यादव के समर्थक कुछ सपा नेताओं ने क्रास सवाल भी किए थे कि हादसा हो कैसे गया ? हादसे के वक्त पिंटू राणा आगे बैठे थे या पीछे ? कार के बैलून खुले या नहीं...?
पुलिस ने तब बताया था कि राणा कार में आगे बैठे थे लेकिन शायद सीट बेल्ट नहीं बांधे थे इस लिए बैलून खुलने के बाद भी बच नहीं सके। जबकि चालक ने सीट बैल्ट बांध रखी थी आगे का बैलून खुलने पर चालक को अधिक चोट नहीं लगी। पुलिस के अनुसार पिंटू राणा की मौत हादसे में ही हुई।
अब जब सवाल उठे हैं और राणा के साथ हादसे में घायल हुए प्रदीप गर्ग को संदेह के घेरे में राजपूताना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयचंद्र भदौरिया ने रखा है तो सवाल के जवाब स्थानीय पुलिस को भी देने पड सकते हैं। पुलिस ने तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है।