मैनपुरी/बिछवां। थाना क्षेत्र के एक गांव में बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा बाल विवाह रोकने के दावे को किशोरी के पिता ने झुठला दिया है। पिता के अनुसार महिला अधिकारी के दबाव पर पुलिस नाबालिग विवाह कराने का आरोप लगाते हुए उसे व उसकी पुत्री को थाने ले गई थी। इससे गांव में उसकी व पुत्री की बदनामी हुई है। आहत पिता ने आत्महत्या करने की धमकी दी है।
थाना बिछवां के एक गांव में बाल विवाह की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घर में चल रहे भागवत कथा आयोजन को रोक दिया। 14 वर्षीय किशोरी व उसके पिता को थाने ले जाया गया। पीड़ित ने घर आए रिश्तेदारों को विदा करने के लिए कुछ समय मांगा लेकिन पुलिस ने समय नहीं दिया। बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा के आदेश का हवाला दिया। थाने ले जाकर पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछताछ की। फिर उसे बाल संरक्षण अधिकारी के समक्ष पेश किया। पीड़ित ने बताया कि वह पुत्री की शादी नहीं कर रहा था वरन भागवत कथा का आयोजन किया था। किसी व्यक्ति ने झूठी सूचना देकर उसे बदनाम करने की कोशिश की है। पीड़ित ने बाल संरक्षण अधिकारी के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करने की बात कही। प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने तो बाल संरक्षण अधिकारी के कहने पर कार्रवाई की है।
एडीएम बी राम का कहना है कि मामला गंभीर है। बाल संरक्षण अधिकारी को बुलाकर मामले की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।