मथुरा। योग दिवस पर बुधवार को शवासन करके एक्सप्रेसवे को जाम करने जाते 100 किसानों को राया में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि बाद में पुलिस लाइन से निजी मुचलकों पर रिहा कर दिया गया।
वहीं दिल्ली-आगरा हाईवे को भरतपुर मोड पर शवासन करके जाम करने वाले आठ किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी को भी पुलिस लाइन से रिहा कर दिया गया था। हाईवे आधा घंटा के करीब जाम रहा।
भारतीय किसान यूनियन ने योग दिवस पर अपनी मांगों को लेकर शवासन करने का एलान किया था। भाकियू से जुड़े किसान सुबह करीब नौ बजे राया से एक्सप्रेसवे पर शवासन करने निकले। क्योंकि कार्यक्रम पहले से घोषित था लिहाजा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए थे।
जैसे ही भाकियू के लोग एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए राया कट के पास सर्विस रोड पर पहुंचे पुलिस ने सभी को रोक लिया। किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जिला महासचिव गजेंद्र सिंह और मंडल उपाध्यक्ष सिकंदर सिंह की अगुवाई में किसान जा रहे थे।
पुलिस सभी किसानों को गिरफ्तार करके राया थाने ले आई। यहां किसानों ने एडीएम प्रशासन को अपना मांग पत्र सौंपा। नरेन्द्र सिंह, सतवीर सिंह, हरपाल चौधरी, राजवीर सिंह, देवेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र सोलंकी आदि उपस्थित रहे।
राया पुलिस ने गिरफ्तार किसानों की संख्या 100 बताई।
सुबह करीब नौ बजे आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे के भरतपुर मोड़ पर किसानों ने शवासन करके ट्रैफिक को रोक दिया। किसानों ने हाईवे पर दरी बिछाई और सभी शवासन की मुद्रा में लेट गए।
ट्रैफिक के रुकते ही दूर-दूर तक वाहनों की कतार लग गई। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बुद्धा सिंह प्रधान ने कहा कि किसानों की अनदेखी की जा रही है। किसानों को उपज का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है।
सरकार ऋण माफी घोषणाएं कर रही है लेकिन माफ आज तक नहीं हुआ। जब जाम नहीं खुला तो भाकियू जिलाध्यक्ष समेत आठ किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन्हें पुलिस लाइन से रिहा कर दिया गया।