फिरोजाबाद। कैप्टन आलोक की हत्या के मामले में अपर जिला जज रामपाल सिंह ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। सजा सुनाने के लिए अगली तारीख 19 जून निर्धारित की गई है।
खैरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर जगे निवासी आलोक यादव नेवी में कैप्टन के पद पर तैनात था। वह परिवार के साथ लखनऊ में निवास करता था। पत्नी सरिता यादव द्वारा गांव में स्कूल का निर्माण कराया जा रहा था। इस लिए 21 फरवरी की सुबह आलोक कार द्वारा शिकोहाबाद से गांव जा रहा था। तभी रास्ते में आरोपी विजयपाल, राजकुमार उर्फ ललईया और प्रदीप ने घेर कर आलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
आलोक की पत्नी सरिता यादव ने तीनों आरोपियों के खिलाफ खैरगढ़ थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने राजकुमार उर्फ ललईया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि विजयपाल और उसके पुत्र प्रदीप की गिरफ्तारी न होने पर आलोक की बहन ममता यादव ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने के साथ ही भूख हड़ताल की थी। तब कहीं जाकर पुलिस ने विजयपाल को गिरफ्तार किया।
प्रदीप यादव और विजय पर पुलिस ने 50 -50 हजार का ईनाम घोषित कर दिया था। प्रदीप की गिरफ्तारी बरेली में एसटीएफ द्वारा की गई थी। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आरिफ खान ने बताया कि अपर जिला जज रामपाल सिंह ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर विजयपाल और राजकुमार उर्फ ललईया को आलोक की हत्या में दोषी करार दिया है। लेकिन सजा नहीं सुनाई जा सकी। सजा के लिए 19 जून की तारीख निर्धारित की है।