आगरा। विजिलेंस ने भ्रष्टाचार की 60 से अधिक शिकायतों की खुली एवं गोपनीय जांच पूरी कर ली है। इनकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। 250 लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इनमें 100 से अधिक अफसर-कर्मचारी शामिल हैं।
पुलिस, प्रशासन, शिक्षा, नगर निगम, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, एडीए, जिला पंचायत सहित एक दर्जन से अधिक विभागों में काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस में की गई थीं। इनमें अफसर और कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं। विजिलेंस ने अपनी जांच पूरी करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें शासन से निर्देश मिलने का इंतजार है।
एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि काम के बदले रिश्वत मांगने वालों की शिकायत सीधे कार्यालय में आकर दर्ज कराई जा सकती है। इसके साथ ही रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9454401864 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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जीआरपी-रेलवे कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच
आगरा। पार्सल बुक कर बिना बिल्टी के 42 लाख का माल भेजकर जीएसटी चोरी के मामले में विजिलेंस अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगा। जीएसटी के तीन अधिकारी और ट्रांसपोर्टर के साथ ही जीआरपी और रेलवे कर्मियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है।
ट्रांसपोर्टर कई सालों से माल भेज रहा था। स्कैनिंग मशीन से भी घपला किया जा रहा था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। विजिलेंस ने जीएसटी चोरी के मामले में जीएसटी के तत्कालीन सहायक आयुक्त संदीप कुमार सिंह, वाणिज्य कर अधिकारी देवेश पांडेय, सतीश चंद्र और ट्रांसपोर्टर असलम कुरैशी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में पूर्व में शिकायत की गई थी। इसके बावजूद जीआरपी-रेलवे के अधिकारियों-कर्मचारियों ने संज्ञान नहीं लिया। अब विवेचक रेलवे से भी जानकारी जुटाएगा। ब्यूरो