कासगंज। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 1 कृपाशंकर के न्यायालय ने बहू को जलाकर मारने की दोषी सास को 10 साल की सजा सुनाई है। जबकि इस मामले में पति सहित 5 आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
आगरा के एत्माददौला प्रकाश नगर निवासी निसार अहमद ने अपनी पुत्री नरगिस की शादी मुजीव अहमद निवासी बरैठी गंजडुंडवारा के साथ की थी। 20 दिसंबर 2015 को उस पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। जिससे महिला काफी जल गई। महिला को अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 22 दिसंबर को पति मुजीव, सास विसमिल्ला बेगम, ससुर ताज मुहम्मद, देवर जफरुददीन, देवरानी शहनाज, ननद जसरूम को नामजद करते हुए मामला दर्ज कर लिया। वहीं नरगिस ने 28 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के बाद पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने सास विसमिल्लाबेगम को दहेज हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने धारा 304 बी के तहत 10 वर्ष की सजा, धारा 498 ए के तहत दो वर्ष की सजा व 5 हजार का जुर्माना, धारा 3/4 में दो वर्ष की सजा व 5 हजार का जुर्माना लगाया। सभी सजाएं एक साथ चलेगी। जेल में बिताई अवधि सजा में शामिल रहेगी। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया है। कोर्ट ने शेष सभी आरोपियों को इन सभी धाराओं में दोष मुक्त कर दिया है।