आगरा। वन विभाग जिले में 10 और वेटलैंड विकसित करने जा रहा है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। वेटलैंड बनने से हरियाली विकसित होने के साथ जलस्तर और पर्यावरण में भी सुधार होगा। पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
जैव विविधता को बढ़ावा देनेे के लिए वन विभाग की टीम ने कई स्थानों को वेटलैंड के तौर पर विकसित करने के लिए सर्वे किया है। इसमें किरावली ब्लॉक के सबसे ज्यादा छह गांव हैं। एत्मादपुर और खेरागढ़ क्षेत्र के दो-दो गांवों को चिह्नित किया गया है।
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि 10 नए वेटलैंड के लिए राजस्व समेत अन्य रिकॉर्ड जुटाए हैं। शासन को प्रस्ताव भेज चुके हैं। बैठक कर कार्ययोजना भी बन गई है। सदर में अंगूठी और खेरागढ़ में नया ग्राम को वेटलैंड के रूप में विकसित करने का काम पहले से ही जारी है।
यहां विकसित होंगे वेटलैंड:
किरावली: रायपुरा अहीर, नया बांस, जाजऊ, बाहरावती खास, सांधन और पुरामना।
एत्मादपुर: सुरहरा और खेड़ी अडू।
खेरागढ़: बसई जगनेर और करहकी।
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वेटलैंड बनने के फायदे
- गहरे तालाबों में जल संरक्षण होगा। इससे जलस्तर बढ़ेगा।
- विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाकर हरियाली को बढ़ावा मिलेगा।
- क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। घूमने के लिए क्षेत्र विकसित होंगे।
- जलीय जीव संरक्षित होंगे और पक्षियों को ठिकाना मिलेगा।