सूबे में कोहराम मचाने वाले बहुचर्चित कुंडा कांड की परतें खुलने लगी हैं। मामले के अहम आरोपी पूर्व मंत्री राजा भैया की सीओ हत्याकांड के आरोपियों से मोबाइल पर कई बार बात हुई थी। यह सनसनीखेज खुलासा पुलिस की जांच में हुआ था।
पुलिस द्वारा निकलवाई गई तीन आरोपियों, राजा भैया के चालक आरोपी गुड्डू सिंह, करीबी रोहित सिंह और टाउन एरिया चेयरमैन गुलशन यादव के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (सीडीआर) से पुलिस को यह अहम तथ्य पता चले थे। हालांकि पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि मामला सीबीआई को चला गया था।
अब सीबीआई ने पुलिस से उस सीडीआर को कब्जे में ले लिया है। हालांकि सीबीआई अफसर सभी आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल खुद निकलवा रहे हैं। इसके अलावा हत्याकांड में एक और अहम बात सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद गुड्डू सिंह ने पुलिस को अपना जो मोबाइल नंबर दिया था, उसकी लोकेशन हत्याकांड के दिन लखनऊ में थी। राजा भैया भी इस तथ्य को सामने रख चुके हैं कि गुड्डू सिंह लखनऊ में उनके साथ मुख्यमंत्री आवास गया था।
कुंडा के बलीपुर में हुए दो कत्ल और सीओ जियाउल हक को मार डालने के मामले में सीबीआई ने सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। सीबीआई सबसे अधिक पड़ताल सीओ हत्याकांड को लेकर कर रही है। चूंकि आरोप पूर्व मंत्री राजा भैया पर लगे हैं इसलिए जांच के मुख्य बिंदु में राजा भैया को रखा गया है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो सीओ की हत्या के बाद प्रदेश में मचे कोहराम की वजह से पुलिस अफसरों ने भी जांच में तेजी दिखाई थी। नतीजा, पुलिस ने कई आरोपियों की कॉल डिटेल निकलवाई थी। उस मोबाइल कॉल डिटेल में गुड्डू सिंह, रोहित सिंह और चेयरमैन गुलशन यादव की राजा भैया से बातचीत की पुष्टि हुई थी।
गुड्डू सिंह ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कबूल भी किया था कि उसकी राजा भैया से कई बार बात हुई। हालांकि वह यह भी कहता रहा कि वह लखनऊ में ही था। गुड्डू सिंह ने पुलिस को मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने की बात कही थी। सूत्रों की मानें तो गुड्डू सिंह के मोबाइल की लोकेशन घटना वाले दिन लखनऊ थी।
अब सीबीआई इन्हीं पहलुओं की सच्चाई परख रही है। जानकारों का कहना है कि जो मोबाइल लखनऊ में हो उसका नंबर दे देने से लखनऊ मौजूदगी नहीं मानी जा सकती। इसके अलावा मोबाइल पर बातचीत का रिकॉर्ड मिलना राजा भैया के खिलाफ बड़ा सबूत नहीं है। बातचीत घटना की जानकारी लेने के लिए भी हो सकती है।