सासनी के गांव लोहर्रा में एकतफरा इश्क में किशोरी को जलाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उधर अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती किशोरी की अभी भी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। लगभग 90 फीसदी तक झुलस चुकी किशोरी जिंदगी और मौत के बीच में झूल रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि किशोरी के युवक से प्रेम संबंध थे और पैसे के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले थाना सासनी क्षेत्र के गांव लोहर्रा में गांव के ही अर्जुन ने आशा (16) पुत्री अशोक को केरोसिन डालकर जला दिया था। अपनी बेटी को बचाने के चक्कर में अशोक भी झुलस गया था। किशोरी का कहना है कि आरोपी युवक काफी समय से उसके पीछे पड़ा हुआ था। परिजनों ने आरोपी को एक बार पकड़ कर पुलिस को भी सौंप दिया था, लेकिन पुलिस ने युवक को छोड़ दिया था।
गंभीर रूप से झुलसी इस किशोरी को उपचार के लिए अलीगढ़ भेजा गया था। घटना की रिपोर्ट सासनी थाने में अर्जुन के खिलाफ धारा 307 के तहत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने बुधवार को आरोपी युवक अर्जुन पुत्र लेखराज सोलंकी निवासी लोहर्रा को हाथरस रोड से गिरफ्तार कर लिया। इस युवक से पुलिस ने काफी देर तक पूछताछ की।
उसने बताया कि उसके किशोरी से प्रेम संबंध थे। उसके द्वारा किशोरी के पिता को दिए गए 25 हजार रुपए व चांदी के सिक्कों को लेकर दोनों परिवारों में तनाव चल रहा था। पुलिस ने युवक के दावे के बाद दोनों के फोन की कॉल डिटेल निकलवाई। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि दोनों में बातचीत होती थी। एसपी हैप्पी गुप्तन, एएसपी श्रीकृष्ण घंटों सासनी थाने में डेरा जमाये रहे। बाद में आरोपी युवक को न्यायालय में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
दोषी हूं तो चढ़ा दें फांसी पर...
आरोपी युवक अर्जुन थाने में यही कहता रहा कि पिछले काफी समय से उसकी आशा से बोलचाल बंद है। उसका कहना है कि उसके आशा से प्रेम संबंध थे, लेकिन 25 हजार रुपये और चांदी के सिक्कों को लेकर विवाद हो गया था। उसने आशा को जिंदा नहीं जलाया और उसे यह भी मालूम नहीं कि यह घटना कैसे हुई। यदि वह दोषी है तो उसे फांसी पर चढ़ा दिया जाए।
करता था बहन का पीछा
पीड़िता आशा की छोटी बहन का कहना है कि आरोपी युवक ने काफी समय पहले से उसके परिवार पर 25 हजार रुपये और चांदी के सिक्के लेने का झूठा आरोप लगा रखा था। यही नहीं वह उसकी बहन का पीछा करता था। उसी ने दो दिन पहले यह घटना की है।
कमरा सीलबंद, बच्चों ने ठंड में बिताई रात
सासनी के गांव लोहर्रा में हुई घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया है। गांव
में इस घटना के बाद खामोशी छायी हुई है। पीड़िता के घर पर उसके छोटे
भाई-बहनों के चेहरे पर इस घटना का खौफ दिखाई दिया। कमरा सील होने के कारण
इन लोगों ने बिना बिस्तर के कांपते हुए रात काटी। खुद एसपी के सामने भी यह
बात कुछ लोगों ने उठाई।
पीड़िता के घर के लोग अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में पीड़िता के पास हैं, जबकि
घर पर उसके छोटे भाई-बहन मौजूद थे। पीड़िता आशा के छोटे सात भाई-बहन हैं।
सभी के चेहरों पर घटना का खौफ दिखाई दिया। और तो और इन लोगों ने मंगलवार को
पूस की रात भीषण शीतलहर में जागते और कांपते हुए बिताई। इसका कारण यह था
कि पुलिस ने घर के उस कमरे को सील कर रखा था, जिसमें घर के बिस्तर रखे हुए
हैं। यह बात पुलिस अधीक्षक हैप्पी गुप्तन को भी कुछ लोगों ने बताई तो एसपी
ने बाद में इस कमरे को खुलवा दिया।
'आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पीड़िता की स्थिति अभी नाजुक है। पीड़िता का इस युवक से अफेयर था। दोनों में बात भी होती थी। दोनों पक्षों में विवाद भी चल रहा था और थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की थी। सीओ सिटी को मामले की जांच सौंपी गई है। विवेचना की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।'
- हैप्पी गुप्तन, एसपी