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आरुषि-हेमराज मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासे

Tue, 25 Jun 2013 09:21 PM IST
गाजियाबाद/ब्यूरो
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आरुषि-हेमराज मर्डर केस की सुनवाई के दौरान मंगलवार को आज सनसनीखेज खुलासे हुए। एम्स से एडिशनल प्रोफेसर के पद पर रहे डा. आरके शर्मा ने सीबीआई कोर्ट में दर्ज कराए बयान में ये खुलासे किए।
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डा. आरके शर्मा वर्तमान में सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हापुड़ में डीन पद पर तैनात हैं।

विश्वविख्यात डा. शर्मा ने कोर्ट को बताया कि आरुषि-हेमराज मर्डर केस से संबंधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह हत्याकांड न तो गोल्फ स्टिक से किए गए और न ही इसके लिए डाक्टरी पेशे में प्रयुक्त धारदार ब्लेड़ स्कैलपेल का प्रयोग हुआ।

गवाह का कहना था कि आरुषि-हेमराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भी चोट में डिप्रेस्ड फ्रैक्चर आना नहीं दिखाया गया है।

गवाह के बाकी बयानों के लिए कोर्ट ने अब 28 जून की तारीख निर्धारित की है। सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक बीके सिंह और आरके सैनी कोर्ट में उपस्थित रहे।

मंगलवार को कोर्ट के आदेश के चलते सीबीआई ने सील गोल्फ स्टिक को कोर्ट में ही खोलकर डा. आरके शर्मा को दिखाई।

डा. शर्मा ने इनका निरीक्षण करने के बाद कहा कि गोल्फ स्टिक से चोट कारित करने पर डिप्रेस्ड फ्रैक्चर आता है और हड्डी दबी हुई नजर आती है।

यह मत लोकार्ड के ‘प्रिंसीपल आफ एक्सचेंज’ पर आधारित है। जबकि आरुषि-हेमराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भी चोट में डिप्रेस्ड फ्रैक्चर आना नहीं दिखाया गया है।
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गवाह का कहना था कि हेमराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट नंबर-7 का आकार 8 गुणा 2 सेमी दिखाया गया है, जोकि गोल्फ स्टिक से नहीं आ सकता।

क्योंकि सिर के पीछे की हड्डी गोलाई में है और गोल्फ स्टिक का सरफेस फ्लैट है।

अत: यदि किसी भी तरह से गोल्फ स्टिक मारी जाए तो इंपैक्ट का एरिया 8 गुणा 2 सेमी नहीं होगा। इसी प्रकार आरुषि की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट नंबर 1 और 3 में केवल फ्रैक्चर दिखाया गया है, लेकिन डिप्रेस्ड फ्रैक्चर नहीं लिखा गया।

इन चोट में डा. दोहरे ने केवल लाइन फ्रैक्चर बताया है। इसलिये आरुषि की चोट नंबर 1 और 3 गोल्फ स्टिक से कारित नहीं की गईं।

गवाह ने यह भी कहा कि स्कैलपेल से दोनों मृतकों के गले काटना संभव नहीं है, क्योंकि दोनों के गले की चोट काफी गहरी है।

जोकि भारी, तेज धारदार और घुमावदार हथियार से ही संभव है।

इससे पूर्व डा. शर्मा ने अपना परिचय भी कोर्ट को दिया। उन्होंने बताया कि वह ललित माकन हत्याकांड, राजन पिल्लई हत्याकांड, राजीव गांधी हत्याकांड, शिवानी हत्याकांड, जेसिका लाल हत्याकांड, अंजू इलियासी हत्याकांड में अपना बयान अदालत में दे चुके हैं।
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सीबीआई के कई मामलों में वह सीबीआई के अनुरोध पर कई घटनास्थलों का निरीक्षण करने गया था और अदालतों में अपना साक्ष्य दिया था।
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