लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की गुणवत्तापरक शिक्षा और संस्कृति के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धाक है। इस परंपरा को लगातार जॉर्जियंस ने कायम रखा है। अब आप भी इस संस्थान का हिस्सा बन चुके हैं और ये जिम्मेदारी आपके कंधों पर है। कॅरियर के रूप में आपने चिकित्सा को चुना। आपको मेहनत से केजीएमयू में प्रवेश मिला। इसके लिए सभी को शुभकामनाएं। कुलपति प्रो. डीके गुप्ता ने सोमवार को एमबीबीएस-2013 बैच के नवागंतुक छात्र-छात्राओं से ये बातें कहीं। इस मौके पर छात्र-छात्राओं को पहले हिप्पोक्रेटिक ओथ (शपथ) और फिर चरक की शपथ दिलाई गई। कुलपति ने इस बार वर्षों पुरानी परंपरा तोड़ते हुए एमबीबीएस-2013 के सत्र की शुरुआत के पांचवें दिन मेडिकोज को संबोधित किया। कुलपति प्रो. गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा ग्रहण करने के लिए अनुशासित रहना होगा। संस्थान की गरिमा को बरकरार रखते हुए एक कुशल चिकित्सक बनने का प्रयास करें। शिक्षकों का सम्मान करें। ये आपके लिए एक नए जीवन की शुरुआत है। जॉर्जियन कल्चर की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस संस्थान से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वालों को जॉर्जियंस के नाम से जाना जाता है, जो अपने आप में एक बड़ी पहचान है। देश-विदेश में जॉर्जियंस, स्वयं के साथ-साथ संस्थान का भी सम्मान बढ़ा रहे हैं। आप भी इसी परम्परा को कायम रखें। इसके लिए हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। इस मौके कुलपति ने मेडिकोज को संस्थान की छवि खराब न करने की चेतावनी भी दी। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों से रैगिंग के डर को मन से निकाल देने की बात कही। किसी भी बहकावे में न आएं। अगर आपके साथ रैगिंग करने की कोशिश करता है तो तत्काल इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों या शिक्षकाें को दें। डीन प्रो.राज मेहरोत्रा ने मेडिकोज से कहा कि ये संस्थान सौ वर्ष पुराना है। एमबीबीएस-2013 बैच इस ऐतिहासिक संस्थान का 103वां बैच है। इस मौके पर सीएमएस प्रो.एसएन शंखवार, डीन डेंटल प्रो.केके वाधवानी, प्रॉक्टर डॉ.अब्बास अली मेहंदी, एनॉटमी विभागाध्यक्ष प्रो.एके श्रीवास्तव आदि भी मौजूद रहे।