लखनऊ। माल क्षेत्र में नशेड़ी पति ने नशे के लिए पैसे न देने पर रविवार रात गर्भवती पत्नी को चारपाई पर बांधकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। सोमवार सुबह जब वह पैसे व जेवर लेकर घर से निकला तो बड़े भाई व मां ने उसके कपड़ों में खून लगा देख उसे रोका। डांटकर पूछने पर उसने घटना की जानकारी दी। अंदर खून से लथपथ पत्नी का शव देखकर बड़े भाई ने पुलिस व मृतका के पिता को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, माल क्षेत्र के पिपरीगांव निवासी रामप्रसाद के बेेटे भोला (25) का विवाह दो साल पहले संडीला के बिश्रामगंज निवासी कल्लू की बेटी आरती (20) से हुआ था। पेशे से किसान भोला शराब व स्मैक का आदी था। नशे के चलते उसने कुछ दिन पहले अपनी कुछ जमीन बेच दी थी। भोला ने जमीन बेचने से मिला सारा पैसा नशे में खर्च कर डाला था। उसकी इस आदत के चलते घर की आर्थिक भी खराब हो गई थी। इसको लेकर पति-पत्नी में अक्सर झगड़ा होता रहता था। रविवार की रात भोला ने पत्नी से पैसे और जेवर मांगे थे। न देने पर दोनों के बीच खूब झगड़ा हुआ। इसके बाद उसकी पत्नी खाना खाकर सोने चली गई। रात में जब आरती गहरी नींद में सो रही थी। तब भोला ने उसके हाथ पैर चारपाई में बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसने के बाद उसके गर्दन व पेट में चाकू से लगातार वार किए। आरती की मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी की हत्या करने के बाद भोला रात भर नशे में घर में पड़ा रहा। सोमवार सुबह जब आठ बजे नशे सोकर उठने के बाद भोला जेवर व नगदी की पोटली लेकर घर से भागने लगा। बगल में रहने वाले बड़े भाई ताराचंद उर्फ हन्ना व मां कुंती देवी ने पोटली लिए हुए देखा तो उनको कुछ शक हुआ। पास जाकर देखा तो उसके कपड़ों में खून लगा हुआ था। जब बड़े भाई ने डांटक र पूछा तो उसने सारी घटना की जानकारी दी। दोनों ने अंदर जाकर देखा तो उसकी पत्नी खून से लथपथ पड़ी थी। इसके बाद ताराचंद ने इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की जानकारी पाकर गांव के लोग भी जमा हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। वहीं, बड़े भाई ताराचंद ने पत्नी की हत्या करने वाले भाई भोला को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने भोला की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना चाकू बरामद कर लिया है। उधर सूचना पाकर बेटी की ससुराल पहुंचे आरती के पिता ने दामाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। ताराचंद ने बताया कि आरती के 15 दिन बाद ही प्रसव होना था।