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सेना न होती तो और लोग मरते

Sat, 29 Jun 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। अगर सेना न होती तो उत्तराखंड में आई प्राकृतिक विपदा में और अधिक लोगों की जान जाती। सेना के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। जवानों की इस कर्तव्य परायणता के लिए देश उनका शुक्रगुजार है। उत्तराखंड में देश के सभी प्रांतों से आए लोग फंसे थे। वह जीने की उम्मीद छोड़ चुके थे। ऐसे में सेना ने जिस साहस के साथ बचाव व राहत अभियान चलाया उसे कभी भूलाया नहीं जा सकता है। यह बात मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कही। वे शुक्रवार को रायबरेली रोड स्थित सूर्या वरिष्ठ विहार के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी हमेशा फौज का सम्मान करते रहे हैं। उत्तराखंड में कठिन परिस्थितियों में भी सेना ने हजारों लोगों की जिंदगियां बचाकर अपने कार्य को अंजाम दिया है। इसकी पूरे देश में सराहना हो रही है। सेना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देश को हर परिस्थिति से बचाने के लिए उसके जवान कृतसंकल्प हैं। उत्तराखंड में फंसे आखिरी व्यक्ति को सही सलामत निकालना ही रेस्क्यू ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर की दुर्घटना में शहीद हुए जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सेना द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लिए बने कॉपर्स फंड में राज्य सरकार 50 लाख रुपये देगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड के संकट से निपटने के लिए सपा के सभी विधायक 50-50 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग करेंगे। इसके अलावा मंत्रियों ने भी एक-एक लाख रुपये देने का फैसला किया है। सपा सरकार ने अपने वायदों को पूरा किया है। उत्तराखंड व नेपाल के बरसात का पानी उत्तर प्रदेश की नदियों में आ रहा है। राज्य सरकार इससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आगामी लोकसभा चुनाव में जनता सपा सरकार की उपलब्धियों पर खुद ही निर्णय लेगी। समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद ने बताया कि द्वितीय विश्वयुद्घ के पेंशनरों की मासिक पेंशन में वृद्धि का आदेश जल्द जारी होगा। कारगिल शहीदों की वीर नारियों की मासिक धनराशि में पहले ही वृद्धि की जा चुकी है।
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