लखनऊ। राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को लखनऊ में 500 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान को खोलने की मंजूरी दे दी। इस कैंसर संस्थान को चक गजरिया फार्म में मेडिसिटी के अंतर्गत 100 एकड़ जमीन पर खोला जाएगा। संस्थान के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट एक उच्च स्तरीय समिति ने तैयार किया है। इस समिति में देश के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ मौजूद थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कुछ महीने पूर्व लखनऊ में एक उच्च स्तरीय कैंसर संस्थान खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद से इस संस्थान की रूपरेखा तैयार की जा रही थी। राज्य सरकार ने इसके लिए चक गजरिया में खुलने वाली मेडिसिटी में जमीन भी मुहैया करा दी थी। इसके बाद प्रस्ताव तैयार किया गया। प्रस्ताव तैयार करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के रोटरी कैंसर संस्थान, टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान मुंबई, रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट त्रिवेंद्रम, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लूर और कैंसर संस्थान कोलकाता के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई थी। इस समिति ने ही इसका विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया। इस कैंसर संस्थान में शुरुआती निदान से लेकर अंतिम स्टेज के कैंसर के उपचार की सुविधा मौजूद होगी। इलाज के अलावा यहां शोध, शैक्षणिक कार्यक्रम एवं मानव संसाधन (मेडिकल और पैरामेडिकल) के प्रशिक्षण की सुविधा भी मिल सकेगी। संस्थान के लिए चक गजरिया फार्म की जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को मुफ्त दी जाएगी। इसका निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश सरकार के सिग्नेचर बिल्डिंग व्यवस्था केअंतर्गत किया जाएगा। प्रस्तावित कैंसर संस्थान को रेफरल संस्थान के रूप में सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और दूसरे संस्थानों में भी कैंसर उपचार संबंधी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इस वित्तीय वर्ष में कैंसर संस्थान के लिए 25 करोड़ रुपये बजट की व्यवस्था की गई है।