लखनऊ। हुसैनगंज के कीर्ति शिखर अपार्टमेंट में दो सफेदपोशों ने एक प्रॉपर्टी डीलर को अपने ऑफिस में बुलाया। लेन-देन के विवाद के चलते सुरक्षा गार्डों की मदद से धमकाया। झगड़ा बढ़ने पर गला घोंट उसे मार डाला। शव बोरे में बंद कर सपा का झंडा लगी गाड़ी में लादा और रातों-रात फतेहपुर ले जाकर उसे नाले में फेंककर लौट आए। लापता प्रॉपर्टी डीलर की तलाश कर रहे परिवार के साथ कोतवाली तक गए। पुलिस को कई घंटे गुमराह किया। भांडा फूटता नजर आने पर दोनों सफेदपोश अपने सुरक्षा गार्डों के साथ फरार हो गए। पुलिस के हत्थे चढ़े निजी गनर ने हत्या का राज उगल दिया। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के साथ प्रॉपर्टी डीलर के परिवार को फतेहपुर जाकर शव की शिनाख्त कराई है। सीओ हजरतगंज दिनेश यादव ने बताया कि हुसैनगंज क्षेत्र में स्टेशन रोड स्थित कीर्ति शिखर अपार्टमेंट के तृतीय तल पर स्थित फ्लैट में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर मो फैजल कुरैशी (38) को सफेदपोश नेता अनीस खान वारसी ने अपने भाई ऐहतेशाम वारसी के निजी गनर उदयभान सिंह यादव के जरिए रविवार शाम पांच बजे अपार्टमेंट के प्रथम तल स्थित ऑफिस में बुलाया। वहां लेन-देन के विवाद के चलते अनीस व ऐहतेशाम ने उदयभान, जयमंगल, मुकेश व देवेंद्र शुक्ला की मदद से धमकाया। कहासुनी के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने फैजल का गला घोंटकर मार डाला। लाश बोरे में बंद की और उसे ठिकाने लगाने के इरादे से सपा का झंडा लगी अपनी गाड़ी में लाद लिया। उन्नाव, कानपुर व अन्य स्थानों के चक्कर काटते हुए फतेहपुर के हुसैनगंज थाना क्षेत्र पहुंचे। वहां सुनसान स्थान पर नाले में लाश फेंककर लौट आए। उधर, रात तक घर न लौटने पर फैजल की पत्नी आयशा ने कैंपबेल रोड के पास रहने वाले अपने जेठ मो. खालिद कुरैशी को फोन किया। अगले दिन तक फैजल का पता न चलने पर आयशा ने अनीस खान वारसी, ऐहतेशाम वारसी व उसके गनर पर अपहरण का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी भनक लगने पर अनीस व ऐहतेशाम खुद पुलिस के पास पहुंच गए। पुलिसकर्मियों को बताया कि फैजल के पुराने पार्टनर धर्मेंद्र शुक्ला व उदय शुक्ला रविवार शाम उससे मिलने आए थे। उनके कहने पर अपने गनर के जरिए फैजल को बुलवाया था। इसके बाद तीनों लोग कहीं चले गए।