लखनऊ। महानगर की करामत मार्केट स्थित 11 केवी उपकेंद्र में सोमवार को ट्रांसफार्मर में धमाके के साथ आग लग गई। इससे बिजली गुल हो गई और मौके पर मौजूद व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई। बाद में नाराज व्यापारी नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर आवागमन ठप कर दिया। सूचना पर मुख्य अभियंता पहुंचे, लेकिन एसडीओ (उपखंड अधिकारी) गैरहाजिर रहे। इस पर मुख्य अभियंता ने एसडीओ के मोबाइल पर कॉल कर उन्हें तलब किया और व्यापारियों के सामने ही खूब फटकारा। एक्सईएन एवं एसडीओ को हिदायत देते हुए कहा कि पहले ही ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करा दिया होता तो यह नौबत नहीं आती। करामत मार्केट, गोल मार्केट, निशातगंज के व्यापारियों ने बताया कि अपराह्न तीन बजे अचानक उपकेंद्र में जोरदार धमाका हुआ और केबल व कूड़ा-करकट जलने लगा। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठीं तो व्यापारी दुकानों से बाहर निकल आए। आसपास के पटरी दुकानदारों में भगदड़ मच गई। लोगों ने सुभाष पार्क उपकेंद्र एवं दमकल को सूचना दी। बिजली बंद होने के बाद दमकल ने ट्रांसफार्मर की आग बुझाई। मौके पर जूनियर इंजीनियर अमित चतुर्वेदी पहुंचे तो नाराज व्यापारियों ने गोल मार्केट चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी और प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा को मोबाइल पर सूचना दी। मिश्रा ने मुख्य अभियंता मयंक सिंघल को मौके पर रवाना किया। सिंघल पहुंचे तो जेई कर्मियों के साथ साफ-सफाई करा रहे थे। उन्होंने एक्सईएन आरके श्रीवास्तव एवं एसडीओ आरके दीक्षित को तलब किया। एसडीओ पहुंचे तो मुख्य अभियंता ने उन्हें सबके सामने ही फटकारा। मुख्य अभियंता ने कहा कि क्षेत्रीय इंजीनियरों की लापरवाही से ही बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो रही है। 11 केवी उपकेंद्र की लीड को कस दिया गया होता और वहां से सूखी घास व ऑयल के लीकेज को रोक दिया गया होता तो आग लगने की घटना नहीं होती। करामत मार्केट की बिजली रात 9 बजे चालू हो सकी।