लखनऊ। वेतन विसंगति और प्रोन्नति सहित कई अन्य मांगों को लेकर दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे लैब टेक्नीशियनों की चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक के साथ शनिवार को हुई वार्ता फेल हो गई। महानिदेशक लैब टेक्नीशियनों के प्रतिनिधिमंडल के मांग पत्र को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दे रहे थे लेकिन, टेक्नीशियन इसके लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि सभी मांगे शासन को मालूम हैं। बावजूद वित्त विभाग मामले को फंसाए है। संघ के प्रवक्ता सुनील कुमार यादव ने बताया कि अध्यक्ष सुरेश रावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओ.पी.पांडेय के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. बी.के. श्रीवास्तव से वार्ता के लिए पहुंचा था। महानिदेशक का कहना था कि आंदोलन स्थगित कर दिया जाए। वो लैब टेक्नीशियन का मांगपत्र शासन तक पहुंचा देंगे। जबकि टेक्नीशियन संघ का कहना था कि रिजवी कमेटी की सिफारिशों को लागू कर दिया जाए। इस मामले में वित्त विभाग टांग अड़ाए है। डेढ़ घंटे चली वार्ता में जब कोई सकारात्मक हल नहीं निकला तो टेक्नीशियन संघ के लोग वापस चले आए। महानिदेशक के साथ वार्ता में निदेशक पैरामेडिकल डॉ.बलजीत अरोड़ा, संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के.सिंह भी मौजूद थे। उधर, शनिवार को दो घंटे के कार्य बहिष्कार से दिन भर जांच कार्य प्रभावित रहा। आए दिन की हड़ताल से अस्पतालों में मरीजों ने हंगामा भी किया। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल में भी कार्य बहिष्कार का व्यापक असर देखने को मिला। प्रवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि 30 अप्रैल तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।