लखनऊ। अपट्रॉन की संपत्तियों को बंधक रखने वाला आईएफसीआई बैंक चिनहट स्थित अपट्रॉन की फैक्ट्री को बेच नहीं सका है। गोमती नगर के कार्यालय की जमीन का विवाद सामने आने के बाद बैंक को इस बार खरीददार नहीं मिले। गोमती नगर की तरह ही चिनहट की जमीन भी अपट्रॉन ने लीज पर ली थी। पिछली बार बैंक ने जमीन बेचते समय यह तथ्य छुपा लिया था कि जमीन लीज की है। जमीन की नीलामी के बाद काफी विवाद हुआ था। इसके चलते इस बार चिनहट की फैक्ट्री के टेंडर नोटिस में बैंक को बताना पड़ा कि यह जमीन लीज की है। गोमती नगर में नगर निगम की जमीन बेचने के बाद आईएफसीआई (इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) बैंक ने अपट्रॉन से 140 करोड़ रुपए का कर्ज वसूल करने के लिए चिनहट स्थित यूपीएसआईडीसी से लीज पर मिली 9.82 एकड़ जमीन बेचने के लिए टेंडर जारी किया था। इसके लिए 26 अप्रैल को टेेंडर पड़ने थे। मगर इस बार जमीन खरीदने के लिए किसी ने भी टेंडर नहीं मिला। इससे जमीन बेचकर कर्ज वसूलने का बैंक का अरमान धरा रह गया। बैंक ने जमीन की आरक्षित कीमत 12 करोड़ 87 लाख 90 हजार रुपए तय की है। अपट्रॉन ये जमीन यूपीएसआईडीसी से 30 साल की लीज पर ली है। यूपीएसआईडीसी ने इस जमीन की लीज अपट्रॉन को 1984 में की थी। असकी अवधि 2014 में पूरी हो रही है। बैंक से कर्ज लेने के लिए अपट्रॉन ने इस जमीन को बैंक के पास बंधक रख दिया था लेकिन कर्ज अदा नहीं किया। जिसके कारण आईएफसीआई बैंक ने कर्ज वसूल करने के लिए इसे बेचने के लिए टेंडर मांगा था। गौरतलब हो कि बीते माह 1 मार्च को बैंक ने गोमतीनगर में अपट्रॉन को लीज पर दी गई नगर निगम की 2,17,936 वर्गफुट जमीन 74.50 करोड़ रुपए में नीलाम कर दी थी। नगर निगम की आपत्ति के बाद उच्च न्यायालय ने जमीन की नीलामी पर रोक लगा दी थी। वहीं आईएफसीआई बैंक के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट अनिल कुमार चौहान ने स्वीकार किया कि जमीन के लिए किसी ने टेंडर नहीं डाला। शायद गोमतीनगर की जमीन का विवाद सामने आने के बाद ऐसा हुआ।