लखनऊ। डफरिन अस्पताल गेट पर शुक्रवार को प्रसव हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही चिकित्सा यूनिट ने जच्चा और बच्चा को तुरंत वार्ड में भर्ती किया। दोनों की हालत में सुधार है। वहीं, परिवार वालों माल सीएचसी के डॉक्टरों पर भर्ती नहीं करने का आरोप लगाया है। माल के गांव रामखेड़ा की मीना यादव के पेट में शुक्रवार को तेज दर्द उठा। परिवार वाले नजदीकी सीएचसी माल ले गए। वहां तैनात डॉक्टरों ने शरीर में खून की कमी और सर्जरी से प्रसव होने की बात कह कर डफरिन अस्पताल रेफर कर दिया। परेशान परिवार वाले उसे टैम्पो से डफरिन अस्पताल लेकर आए। यहां अस्पताल के गेट पर ही महिला को प्रसव हो गया। घबराए सुरक्षा गार्डों ने इमरजेंसी हॉर्न बजाया। इसके बाद जच्चा व बच्चा को वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहीं, नाराज परिवार वालों ने माल सीएचसी के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आला अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। महिला के देवर सतीश यादव ने बताया कि सीएचसी के डॉक्टरों ने सर्जरी से प्रसव की बात कहकर भर्ती नहीं किया था, जबकि डफरिन में सामान्य प्रसव हुआ और खून की जरूरत नहीं पड़ी। अगर रास्ते में प्रसव हो जाता तो मरीज के साथ अनहोनी हो सकती थी। परिवार वालों ने माल सीएचसी पर जाकर प्रदर्शन भी किया। डॉक्टरों का कहना है कि महिला व बच्चे दोनों की हालत में सुधार है। देर होने पर अनहोनी हो सकती थी।