लखनऊ। शुगर फ्री बर्फी के सहारे महंगे दाम पर बिकने वाली नामचीन दुकान की मिठाई भी जांच की कसौटी पर खरी नहीं उतरी। फूड संरक्षा एंड ड्रग अथॉरिटी (एफएसडीए) टीम द्वारा बीते दिनों मिलावटी खाद्य सामग्री की रोकथाम के लिए संचालित अभियान में प्रयोगशाला भेजे गए सात नमूनों की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी उजागर हुई है। इसमें अलीगंज स्थित राधेलाल स्वीट्स दुकान से ली गई शुगर फ्री बर्फी व फिनिक्स मॉल के स्टोर से लिए गए मार्निग टी बिस्कुट व फेस्का ब्रांड लीची जूस के नमूने जांच में फेल हो गए। सात खाद्य नमूनों की जारी रिपोर्ट में से चार नमूनों में जहां पैकेजिंग एक्ट के मानक की अनदेखी मिली वहीं शुगर फ्री बर्फी, पनीर व दलिया के नमूने जांच में अपमिश्रित व अधोमानक पाए गए। मुख्य खाद्य संरक्षा अधिकारी एसएचएस आब्दी ने बताया कि प्रयोगशाला से मिली इन सात नमूनों की निगेटिव जांच रिपोर्ट के आधार पर अब विभागीय स्तर पर इन नमूनों वाली खाद्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई होगी। एफएसडीए की जिला इकाई ने 15 जनवरी से 31 मार्च तक की अवधि में संचालित कार्रवाई के तहत करीब पांच दर्जन से अधिक खाद्य सामग्री के सैंपल सीलबंद कर जनविश्लेषण प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे थे। बीते दिनों इनमें से 35 नमूनों की जांच रिपोर्ट सीएसएफआई को मिली। सूत्रों के अनुसार इसमें 28 नमूनों की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली जबकि, सात खाद्य नमूनों की रिपोर्ट आपत्ति के साथ निगेटिव आयी। इसमें अलीगंज स्थित राधेलाल स्वीट्स की दुकान से लिए गए शुगर फ्री बर्फी के नमूने में जांच में शुगर पाई गई। इसी तरह कानपुर रोड के समीप स्थित फिनिक्स मॉल के स्टोर संख्या-99 से लिए गए मार्निंग टी बिस्कुट व फेस्का ब्रांड लीची जूस में पैकेजिंग एक्ट के नियमों की अनदेखी मिली। सेक्टर सी महानगर स्थित जायसवाल जरनल स्टोर से लिए गए दलिया में अपमिश्रण, बुलाकी अड्डा स्थित नरेश बेकरी से लिए गए मैक्सो ब्रांड के नमकीन व बटर अजवाइन बिस्कुट में मिस ब्रांडिंग और उतरेटिया स्थित मां अंबे डेरी से लिए गए पनीर में फैट की कमी के साथ कुछ मिलावट भी जांच में उजागर हुई। इन खाद्य नमूनों की निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर अब एफएसडीए की जिला इकाई एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी।