लखनऊ। एक मासूम से दुष्कर्म के प्रयास की घटना से आहत लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। पुलिस के प्रति गुस्सा और अविश्वास इस हद तक था कि लोग आरोपी को खुद ही सजा देने पर आमादा हो गए। उन्होंने आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा कर पिटाई शुरू कर दी। इस घटना से सकते में आई पुलिस ने सभी मर्यादाएं ताक पर रखते हुए प्रदर्शन में शामिल महिलाओं से से हाथापाई शुरू कर दी। तमाम प्रयासों के बाद उसने किसी तरह आरोपी को प्रदर्शनकारियों के चंगुल से छुड़ाया। सीओ कैंट ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहकर प्रदर्शनकारियों को समझाया। तीन घंटे चले प्रदर्शन के दौरान कोतवाली में अफरातफरी मची रही। सबसे आश्चर्य की बात की यह सब उस कोतवाली में हुआ जहां कि सीओ खुद एक महिला है। कैंट क्षेत्र के रेसकोर्स में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश कुमार को पुलिस ने रविवार रात गिरफ्तार कर लिया था। इसकी भनक लगने पर इलाके की तमाम महिलाएं सोमवार सुबह पार्षद डॉ. रंजना शर्मा के नेतृत्व में कैंट कोतवाली पहुंचीं। आरोपी को सख्त सजा देने के लिए उसे भीड़ के हवाले करने की मांग करने लगीं। इस बीच कोतवाली के दो सिपाही आरोपी राजेश को एक टेम्पो में बैठाते नजर आए। महिलाओं ने सिपाहियों से धक्का-मुक्की करके राजेश को टेम्पो से घसीट लिया और उसकी धुनाई शुरू कर दी। बंदी बनाए जा चुके राजेश को भीड़ के हाथों पिटते देख एसओ जहीर खान दरोगा व सिपाहियों को लेकर दौड़े। महिलाओं से हाथापाई और घसीटकर राजेश को छुड़ाया। सीओ कैंट बबिता सिंह मौके पर पहुंची। उन्होंने दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। अभद्रता की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कहकर भीड़ को शांत कराया। इस बीच पुलिस ने राजेश के चालान के कागजात तैयार करके उसे अदालत भेजा जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसओ जहीर खान ने बताया कि मासूम से दुष्कर्म के प्रयास की जानकारी पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी राजेश की तलाश शुरू की गई थी और रविवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया।