लखनऊ। शहर के बड़े इलाके में रविवार को सेटटॉप बॉक्स (एसटीबी) न लगवाने वाले केबल उपभोक्ताओं को अपने मनपसंद चैनल देखने को नहीं मिलेंगे। डेन नेटवर्क के संचालकों ने एसटीबी की अहमियत का एहसास कराने के लिए कुछ घंटे खास चैनलों का एनालॉग प्रसारण रोकने का फैसला किया है। दूसरी तरफ, चीन व ताइवान से मंगाए जा रहे घटिया एसटीबी के विरोध में शनिवार को लोगों ने प्रदर्शन कर पुतला जताया। डेन एन्ज्वाय एमएसओ के निदेशक उमेश्वर सिंह के मुताबिक अब भी बहुत से केबल उपभोक्ताओं में गलतफहमी है कि बिना एसटीबी के छह महीने तक कार्यक्रम देख सकेंगे, जबकि ऐसा नहीं है। 18 अप्रैल के बाद एनालॉग प्रसारण पूरी तरह बंद हो जाएगा। उपभोक्ताओं को एसटीबी की अहमियत समझाने के लिए रविवार को कुछ घंटों तक पॉपुलर चैनलों का एनालॉग प्रसारण रोकने पर सहमति बनी है। एनालॉग प्रसारण को ब्रेक लगाने से बड़े हिस्से के दर्शकों पर असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि शहर के चार एमएसओ में से तीन डेन नेटवर्क (ब्रॉडकास्टर) से जुड़े हैं। उन्हें एक ही कंट्रोल से प्रसारण सिग्नल मिलते हैं। दूसरी तरफ, उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे एसटीबी की क्वालिटी को लेकर विरोध शुरू हो गया है। शनिवार को जन अभियान समिति के चंद्र कुमार छाबड़ा, सोशलिस्ट फाउण्डेशन के अध्यक्ष राम किशोर, राज्य निगम कर्मचारी संघ के नरेन्द्र प्रताप सिंह, लविवि के पूर्व छात्रनेता अमिताभ, व्यापारी नेता अतुल कुमार जैन सहित कई संगठनों के सदस्यों ने दूरदर्शन केंद्र के सामने एसटीबी की डमी जलाकर विरोध जताया। उन्होंने एसटीबी पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने और अनिवार्यता की मियाद छह माह बढ़ाने की मांग की है।