लखनऊ। पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र अब ई-पाठशाला में पढ़ाई कर सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसकी पहल की है। उच्च शिक्षण संस्थानों में परास्नातक स्तर पर पढ़ाए जाने वाले विषयों के कोर्स मैटेरियल छात्र एक ही क्लिक पर प्राप्त कर सकेंगे। खास बात यह है कि इस पर उपलब्ध कंटेंट घर बैठे ही एक्सेस किए जा सकेंगे। पहले चरण में पोर्टल पर 77 विषयों के कोर्स मैटेरियल उपलब्ध होंगे। सूचना तकनीक के बढ़ते प्रयोग से किसी भी प्रकार की जानकारी तक पहुंच और उसका आदान-प्रदान का रास्ता काफी आसान हो गया है। उच्च शिक्षा में भी इस तकनीक के उपयोग से छात्रों को ज्यादा फायदा पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नेशनल मिशन ऑन एजुकेशन थ्रू इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेेक्नोलॉजी (एनएमईसीटी) के तहत यूजीसी ने परास्नातक कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए ई-पीजी पाठशाला नाम से शैक्षिक पोर्टल शुरू किया है। इसका उपयोग कर विभिन्न विषयों के छात्र आसानी से कहीं भी अपने विषय से जुड़ी हुई पाठ्यसामग्री तक अपनी पहुंच बना सकते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी पोर्टल पर छह विषयों के पाठ्यक्रमों से संबंधित ई- कंटेंट उपलब्ध हैं। इनमें लाइब्रेरी साइंस, कंप्यूटर साइंस, फूड टेेक्नोलॉजी, पॉलिटिकल साइंस, बॉटनी, एनवायर्नमेंटल साइंस शामिल हैं। इसके साथ ही 11 विषयों के पीजी कक्षाओं में पढ़ाए जाने वाले प्रश्न-पत्रों की पहचान कर ली गई है। यूजीसी ने पोर्टल के लिए 77 विषयों के ई-कंटेंट और पढ़ाए जाने वाले प्रश्न-पत्रों के लिए प्रस्ताव विश्वविद्यालय सहित सभी उच्च शैक्षिक संस्थानों से मंगाए हैं। ई-कंटेंट में लगभग सभी स्ट्रीम्स को जोड़ने का लक्ष्य है। इसमें आर्ट्स, साइंस, ह्यूमैनिटीज, लॉ, नेचुरोपैथी, लैंग्वेज, मैथेमेटिकल साइंस सहित सभी आयामों को समाहित करने की तैयारी है।