लखनऊ। वर्तमान वित्तीय वर्ष में आवंटित घरेलू सब्सिडी सिलेंडरों के वितरण पर रविवार शाम पांच बजे से ब्रेक लग जाएगी। उधर, बुकिंग के बाद भी एजेंसी स्तर से वितरण में लेटलतीफी का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को अपने हिस्से के सब्सिडी सिलेंडर से ही चुकाना पड़ेगा। गैस वितरण से जुड़े डीलर भी मान रहे हैं कि वितरण में लेटलतीफी से करीब 25 हजार उपभोक्ताओं का सब्सिडी कोटा डूबना तय है। घरेलू एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी तीनों प्रमुख तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च के बाद घरेलू एलपीजी बुकिंग व वितरण से जुड़ा सॉफ्टवेयर वित्तीय वर्ष 2012-13 में लोड सिस्टम को स्वीकार नहीं करेगा। 31 मार्च को देर रात तक सॉफ्टवेयर को अपग्रेड व अपलोड कर वित्तीय वर्ष 2013-14 में हर उपभोक्ता को आवंटित नौ सब्सिडी सिलेंडरों के कोटे युक्त बनाने का कार्य पूरा कर एक अप्रैल से नए कोटे के सब्सिडी सिलेंडरों का वितरण एजेंसियों से शुरू हो जाएगा। बीते दिनों तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर 31 मार्च तक बचे हुए सब्सिडी सिलेंडर का वितरण सेम डे होम डिलीवरी की व्यवस्था लागू कर पूरा कराने का दावा किया था। इसके बावजूद रुचिखंड, रतनखंड, आलमबाग स्थित चंदन नगर, चारबाग, कैसरबाग, निराला नगर, जानकीपुरम, चौक, खुर्शेदबाग, डालीगंज व राजाजीपुरम सेक्टर एफ सहित तमाम इलाकों में हजारों की संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्हें होली पर कराई गई बुकिंग के बाद भी शनिवार शाम तक होम डिलीवरी के तहत सब्सिडी सिलेंडर नहीं मिला है। गैस वितरण से जुड़े एक प्रमुख एजेंसी संचालक ने बताया कि मोटे तौर पर बुकिंग के बाद भी जिले में करीब 25 हजार उपभोक्ताओं को 31 मार्च तक सब्सिडी सिलेंडर की सप्लाई मिलना संभव नहीं हो पाएगा। 14 सितंबर 2012 में लागू हुई घरेलू एलपीजी वितरण में सब्सिडी व नॉन सब्सिडी सिलेंडरों की नई व्यवस्था के बाद उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी फार्म भरने की अनिवार्यता लागू करने के साथ ही सस्ती दर वाले पांच सब्सिडी सिलेंडरों का कोटा तय हुआ था। तय मियाद में कोटे का उपयोग न कर पाने वाले उपभोक्ताओं के हिस्से की सब्सिडी को अगले साल मुहैया कराने का कोई प्रावधान नहीं है।