लखनऊ। चिनहट कोतवाली के एक दरोगा ने जालसाजी के आरोपी डॉक्टर को जेल का खौफ दिखाकर घूस मांगी। दरोगा के बढ़ते दबाव से घबराए डॉक्टर ने आला अफसरों से शिकायत की। एसएसपी ने दरोगा को निलंबित कर सीओ गोमतीनगर को जांच सौंपी है। एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चले अभियान में चिनहट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ अजय सिंह ने विधायक चौराहा स्थित सांई क्लीनिक के संचालक डॉ निर्भय सक्सेना के खिलाफ 2 मार्च को जालसाजी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी के डॉ निर्भय सक्सेना एलोपैथ विधि से मरीजों का इलाज कर रहा था। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो मार्च को सांई क्लीनिक पर छापा मारा तो डॉ निर्भय सक्सेना भाग निकला। क्लीनिक से विभिन्न दस्तावेज व पर्चे बरामद हुए। चिनहट पुलिस ने डॉ अजय की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करके तफ्तीश विशेष श्रेणी के दरोगा रामबरन पांडेय को सौंपी थी। आरोप है कि दरोगा ने तहकीकात के बहाने डॉ निर्भय सक्सेना से संपर्क साधा। उसे मामला बहुत ही गंभीर बताते हुए जेल का खौफ दिखाना शुरू किया। इसके बाद मुकदमा खत्म करने के एवज में मोटी रकम की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर जेल भेजने की धमकी दे रहा था। इससे परेशान डॉ निर्भय ने पुलिस अफसरों को जानकारी दी। प्रथमदृष्टया शिकायत सही नजर आने पर एसएसपी ने एसआई रामबरन पांडेय को निलंबित कर दिया और सीओ गोमतीनगर विद्यासागर मिश्रा को जांच सौंपी है।