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अभी से वसूलने लगे सैटटॉप बाक्स के बढ़े दाम

Fri, 01 Mar 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। राजधानी में अभी तक सेटटॉप बाक्स न लगवाने वाले ढाई लाख से अधिक लोगों की जेब पर चिदंबरम की कैंची चल सकती है। बजट में सेटटॉप बाक्स पर आयात शुल्क तीन गुना कर दिया गया है। पहले इस पर पांच फीसदी आयात शुल्क लगता था जो अब पंद्रह फीसदी हो गया है। ऐसे में सेटटॉप बाक्स की कीमत में 150 से 200 रुपए तक का इजाफा हो जाएगा। 31 मार्च तक राजधानी में इसकी अनिवार्यता को देखते हुए उपभोक्ताओं के पास दूसरा विकल्प भी नहीं है। बढ़े दाम हालांकि 1 अप्रैल से लागू होंगे लेकिन केबल ऑपरेटरों ने अभी से बढ़ी कीमत मांगनी शुरू कर दी है। केबल टीवी ऑपरेटर्स का कहना है कि पहले उन्हें सेटटॉप बाक्स 2000 से 2300 रुपए तक पड़ता था। ग्राहकों को राइट टू यूज के आधार पर रियायती दर पर 800 रुपए में उपलब्ध कराया जाता था। बढ़ी दरों में अब ग्राहकों को इसके लिए 150 से 200 रुपए अधिक चुकाने पड़ेंगे। प्रदेश केबल टीवी ऑपरेटर संघ के उपाध्यक्ष और सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित टास्क फोर्स के सदस्य सुनील जौली कहते हैं कि सरकार एक ओर डिजिटलीकरण को बढ़ावा दे रही है दूसरी तरफ टैक्स बढ़ा कर जनता की पीठ पर छुरा भोंक रही है। बढ़ी दरों के बाद जनता को करीब 200 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जानकारों के अनुसार राजधानी में अभी तक लगभग 1.05 लाख ग्राहकों ने सेटटॉप बाक्स लगवाए हैं। जबकि दो लाख से अधिक ग्राहकों के पास डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) कनेक्शन हैं। वहीं ढाई लाख से अधिक ग्राहक ऐसे हैं जो केबल कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। 31 मार्च के बाद बिना सेटटॉप बाक्स चैनल देखना संभव नहीं होगा। केबल ऑपरेटरों ने उपभोक्ताओं की इस मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। कई ग्राहकों का कहना है कि बजट घोषणा के बाद जब उन्होंने अपने ऑपरेटर से सेटटॉप बाक्स लगाने के लिए बात की तो पहले रेट बढ़ने की बात कही गई। नई दर 1 अप्रैल से लागू होने की बात कहे जाने पर बाक्स की कमी होने का टका सा जवाब दे दिया गया।
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