लखनऊ। मां के डांटने पर रविवार रात बेटे ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह आलमबाग के चर्च इंटर कॉलेज में 10वीं का छात्र था। उसका प्री-बोर्ड एग्जाम चल रहा था। वह पढ़ाई में कमजोर था और मां ने पढ़ाई के लिए ही उसे फटकारा था।
चिनहट के एक निजी फैक्ट्री में इलेक्ट्रिशियन सैमविन मैथ्यूज तालकटोरा थाना क्षेत्र में राजाजीपुरम सेक्टर-12 के सी-ब्लॉक में रहते हैं। सैमविन की पत्नी रोनिका हजरतगंज के सिविल अस्पताल में नर्स हैं और बेटी एंजिल उर्फ ब्यूटी गोमती नगर स्थित सहारा अस्पताल में नर्स की ट्रेनिंग कर रही है और वहीं रहती है। सैमविन के मुताबिक उनके बेटे सैमसन (16) के प्री-बोर्ड एग्जाम चल रहे थे। सोमवार को उसका हिंदी का पेपर था। रोनिका की रात की ड्यूटी थी और जाने से पहले रोनिका ने सैमसन को पेपर की तैयारी करने की हिदायत दी थी। शाम 7:35 बजे सैमविन पत्नी को अस्पताल छोड़ने चले गए। जब वे लौटे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। सैमविन ने दरवाजे से झांककर देखा तो सैमसन फंदे से लटक रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव नीचे उतारा और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बीट इंचार्ज बालकृष्ण मिश्र का कहना है कि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सैमसन पढ़ाई में कमजोर था और हिंदी से दूर भागता था। उन्होंने बताया कि माता-पिता के जाने के बाद सैमसन ने अपने दोस्त सार्थक को फोन किया था और उससे करीब 30 सेकंड बात की। सार्थक से पूछताछ चल रही है। इधर, बेटे की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। मां रोनिका का कहना है कि उन्होंने बेटे को बड़े दुलार से पाला था। हम उसे प्रशासनिक अफसर बनाना चाहते थे पर ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। पलभर में सब बर्बाद हो गया।