लखनऊ। राजधानी में पेड़ों की कटान के मामले पर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर कोई फैसला होने से पहले ही वन निगम बटलर पैलेस रोड और तिलक मार्ग पर हरे पेड़ों को अंधाधुंध काट रहा है। इस मामले में सड़क का चौड़ीकरण करने वाले पीडब्ल्यूडी और वन निगम एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को डालीबाग कॉलोनी में स्थानीय लोगों ने जब हरे पेड़ काटने पर आपत्ति जताई तो वन निगम के कर्मचारियों और ठेकेदारों ने उन्हें परमिट का हवाला देकर चलता कर दिया, जबकि पांच फरवरी को हाईकोर्ट में राज्य सरकार को इस मामले में जवाब देना है। बटलर पैलेस रोड और तिलक मार्ग को चौड़ा करने के दौरान पुराने पेड़ काटे जाने के खिलाफ दायर पीआईएल पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह और न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार दीक्षित की खंडपीठ ने जानना चाहा है कि क्या पेड़ों को काटने में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार के वकील को निर्देश प्राप्त कर 5 फरवरी को पक्ष पेश करने को कहा था। पीआईएल में पेड़ों को काटने से शहर के बीच की हरियाली खत्म होने की बात कही गई थी। याची के वकील चंद्रभूषण पांडेय का आरोप था कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बगैर इन पेड़ों को काटा जा रहा है। इसी बीच वन निगम ने अदालत के अगले किसी फैसले का इंतजार किए बगैर ही डालीबाग कॉलोनी में पेड़ों की कटान जारी रखी है। बृहस्पतिवार को यहां डीजीपी ऑफिस मोड़ के पास अनेक हरे पेड़ काट दिए गए। दोपहर बाद जब कुछ क्षेत्रीय लोगों ने वन निगम के कर्मचारियों और ठेकेदारों को पेड़ों का कटान रोकने के लिए बोला तो उन्होंने साफ कहा कि उनके पास पेड़ काटने का परमिट है। इसलिए वे कटान नहीं रोकेंगे।