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राजधानी के बाल वैज्ञानिकों ने दिखाया हुनर

Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। राजधानी के पांच होनहारों के साइंस प्रोजेक्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में श्रेष्ठ 42 प्रोजेक्ट्स में जगह बनाई है। बेकार पॉलीथिन से इथेनॉल ईंधन बनाने के लिए विकसित उनके प्रोजेक्ट को सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्टों में जगह मिली है। इथेनॉल कई देशों में पेट्रोल के विकल्प के तौर पर उपयोग किया जाता है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन बनारस में हाल ही में केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीकी विभाग की नेशनल कॉउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा किया गया था। बाल विज्ञान कांग्रेस में लखनऊ पब्लिक स्कूल सेक्टर आई कानपुर रोड के छात्रों ने प्रीतेश सिंह, शिवेंद्र तिवारी, अदिति जैन, अदिति निषाद और अमीषा गौतम ने भी अपना प्रोजेक्ट भेजा। जिसमें बेकार पॉलीथिन से इथेनॉल ईंधन बनाने की प्रक्रिया दर्शाई गई है। प्रीतेश ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण के लिए बड़ा खतरा बन चुकी पॉलीथिन को खत्म करने के उद्देश्य से यह प्रोजेक्ट तैयार किया है। दरअसल पॉलीथिन इथीन मॉलीक्यूल से बनी होती है। इसे नियंत्रित स्थितियों में गर्मी दी जाए तो मॉलीक्यूल्स की चेन टूटती है और इथीन गैस बनती है। इसी गैस की पानी से प्रतिक्रिया करवाकर इथेनॉल बनाया जाता है। शिवेंद्र ने बताया कि करीब 5 किलोग्राम पॉलीथिन से इस विधि के जरिए 100 ग्राम इथेनॉल बनाया जा सकता है। लेकिन बेहतर प्रयोगशालाओं या उद्योगों में इसके जरिए काफी ज्यादा प्रतिशत में पॉलीथिन से इथेनॉल बनाना संभव है। इसके लिए ये सभी विद्यार्थी फिलहाल उद्योगों से सहयोग के लिए संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अभी किसी ने रुचि नहीं दिखाई है। प्रीतेश ने अपने ई-मेल एड्रैस pritesh273singh@gmail.com पर लखनऊ के उद्योगों से इस प्रोजेक्ट के लिए सहयोग भी मांगा है। हालांकि उन्हाेंने अपना प्रोजेक्ट पेटेंट के लिए भेजा है, जिसे विश्लेषण के लिए पंजीकृत कर लिया गया है। दूसरी ओर बाल कांग्रेस में उनके प्रोजेक्ट ने जिला स्तर पर 148 प्रोजेक्ट्स, राज्य स्तर पर 600 प्रोजेक्ट्स और राष्ट्रीय स्तर पर 650 प्रोजेक्ट्स के बीच में सर्वश्रेष्ठ स्थान में जगह बनाई है। अब इस पर विस्तृत शोध किया जाएगा। छात्रों ने अपनी सफलता के लिए अपने गाइड व शिक्षक प्रशांत कुमार को श्रेय दिया है।
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