लखनऊ। गौतम बुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय में शनिवार को कार्यपरिषद की बैठक कोरम के अभाव में टल गयी। इसके चलते बैठक के एजेंडे पर चर्चा नहीं हो सकी। अनौपचारिक रूप से दीक्षांत समारोह की तैयारियों एवं उसकी प्रक्रिया से कार्य परिषद के सदस्यों को अवगत कराया गया। दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले मेडल एवं पीएचडी आदि पर चर्चा हुई। जानकारों की माने तो, जीबीटीयू की स्थापना के बाद से यह पहला ऐसा मौका है जब कोरम के अभाव में बैठक टालनी पड़ी। जीबीटीयू की कार्यपरिषद में 14 सदस्य होते हैं। कोरम पूरा होने के लिए 9 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक है। लेकिन बैठक के समय तक महज आठ सदस्य ही उपस्थित हो सके। खराब मौसम के चलते बाकी सदस्य नहीं आ सके। इसके चलते बैठक टालनी पड़ी। अनौपचारिक चर्चा में 5 जनवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में दी जाने वाली डिग्री, अतिथि, मेडल आदि से सदस्यों को सूचित कर दिया गया है। समारोह में इस बार 47 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी। एकेडमिक काउंसिल से इस पर मुहर लग गयी थी। कार्यपरिषद को भी इससे अवगत करा दिया गया। फिलहाल कोरम के अभाव में बैठक टलने की सूचना जीबीटीयू प्रशासन ने शासन को दे दी है। सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर से यह भी चर्चा हुई कि कोरम के लिए पचास फीसदी से अधिक सदस्यों की संख्या अधिक है। इसे कम किए जाने की जरूरत है जिससे बैठक टालने जैसी स्थिति न आ सके। शासन ने आश्वासन दिया है कि इस संदर्भ में प्रस्ताव भेजा जाए। जिससे नियमों में आवश्यक संशोधन करके उसे तार्किक बनाने की कवायद की जा सके।