लखनऊ। एडमिशन पाने के लिए तमाम तरह के फर्जीवाड़े करने की कड़ी में एक नया फर्जीवाड़ा सामने आया है। दरअसल, एक यूनिवर्सिटी में बीटेक में दाखिला लेने के लिए एक छात्र ने प्रधानमंत्री के फर्जी दस्तखत वाली सिफारिशी चिट्ठी का सहारा लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब इसकी सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को दी तो चिट्ठी और दस्तखत दोनों के फर्जी होने का पता चला। दो साल पहले किए गए इस फर्जीवाड़े के आरोपी को सीबीआई ने दो दिन पहले ही हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी हैदराबाद से किसी प्राइवेट कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रहा है। मूलत: मऊ जिला निवासी फरहान अख्तर ने 2010 में बीटेक में दाखिले के लिए इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में आवेदन किया था। आवेदन के साथ ही उसने पीएमओ के संयुक्त सचिव के लेटर हेड पर एक सिफारिशी पत्र लगाया था। पत्र पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हस्ताक्षर थे। विवि प्रशासन ने एडमिशन की प्रक्रिया के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय को सूचित किया। प्रधानमंत्री की सिफारिश की बात से पीएमओ को शक हुआ और विश्वविद्यालय से पत्र का फैक्स मंगाया गया। पीएमओ ने पत्र को फर्जी बताया और इसके बाद सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई। दो साल से सीबीआई मामले की जांच कर रही थी। इस दौरान सीबीआई की टीम कई बार यूनिवर्सिटी आई और यहां के अधिकारियों से भी पूछताछ की। आवेदन से जुड़े सभी दस्तावेज भी सीबीआई ले गई थी। उधर, जांच की भनक मिलते ही छात्र फरार हो गया था। दो दिन पहले उसे हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है जहां वह एक निजी कॉलेज से बीटेक कर रहा है।