लखनऊ। हजरतगंज पुलिस ने एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। उसने मोबाइल टावर लगाने वाली एक कंपनी के 12.9 हजार रुपये के दो चेक चुराए। एडिटिंग के बाद स्कैनर से फर्जी चेक तैयार करके कंपनी को 12.90 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस के हत्थे चढ़ते ही जालसाज ने राज उगल दिया। पुलिस के मुताबिक पूर्वांचल में मोबाइल टावर लगाने वाली कंपनी इंडस टावर लिमिटेड यूपी ईस्ट का गोमतीनगर के विभूति खंड में कार्यालय है। कंपनी ने फैजाबाद के दक्षिण पारा निवासी रामफेर को टावर के किराए का 69 सौ रुपये का चेक 16 अक्तूबर 10 को भेजा था। इसी तरह गोंडा के बहलोलपुर निवासी अमरकांत को छह हजार रुपये का चेक भेजा लेकिन दोनों चेक कंपनी के टेक्नीशियन अनिल कुमार वर्मा ने गायब कर दिये। उसने कंप्यूटर के जरिए एडिटिंग करके दोनों चेकों पर अपना नाम दर्ज करने के साथ छह हजार के चेक को छह लाख और 69 सौ के चेक को छह लाख 90 हजार का बनाया। 6.9 लाख का चेक बैंक ऑफ बड़ौदा में तो दूसरे छह लाख के फर्जी चेक को आईसीआईसीआई बैंक की गोंडा शाखा में जमा किया। उसने एटीएम के जरिये एक लाख रुपये निकाले थे कि जालसाजी का भंडाफोड़ हो गया। कंपनी के सर्किल वित्त नियंत्रक दीपक जगवानी ने 25 नवंबर 11 को रिपोर्ट दर्ज कराई। तफ्तीश कर रहे एसआई कृष्णचंद्र तिवारी ने दोनों बैंकों से साक्ष्य एकत्र किए और कंपनी के कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के बाद शुक्रवार सुबह अनिल को गिरफ्तार कर लिया। बीसीए कर चुके अनिल ने कबूला कि वह कंपनी में 55 सौ रुपये की नौकरी करता था। इस दौरान फर्जी चेक तैयार करने का विचार सूझा। दरअसल कंपनी द्वारा चेक तैयार करने के बाद कागज के बाकी बचे हिस्सों पर नोट लिखा जाता था। इस तरह बैंक द्वारा उपलब्ध कराये गये कागज का बड़ा भाग खाली रहता था। अनिल ने एडिटिंग के बाद उसी पेपर पर फर्जी चेक तैयार किया था। इस कारण बैंक के अधिकारी भी पकड़ नहीं सके।