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यशस्वी का यश: चार मैच और इंटरनेशल रैंकिंग में 57वे पायदान की छलांग

सार

भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से पहले यशस्वी जायसवाल की इंटरनेशनल रैंकिंग 69 थी, जो चार मैचों के बाद 12 पर पहुंच चुकी है। पिछले चार टेस्ट मैचों में यशस्वी ने 655 रन बनाए हैं।
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जायसवाल ने टेस्ट मैच की एक पारी में भारत के लिए सर्वाधिक 12 छक्के लगाने का भी रिकॉर्ड बना दिया है। - फोटो : BCCI
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विस्तार
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बाएं हाथ के धुरंधर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल भारतीय क्रिकेट की नई रन मशीन बनकर उभरे हैं। भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में चार मैचों में यशस्वी ने न केवल दो दोहरी शतकीय पारी खेली, बल्कि राजकोट टेस्ट मैच में उन्होंने पूर्व धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की बराबरी भी कर ली। भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से पहले यशस्वी जायसवाल की इंटरनेशनल रैंकिंग 69 थी, जो चार मैचों के बाद 12 पर पहुंच चुकी है।

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पिछले चार टेस्ट मैचों में यशस्वी ने 655 रन बनाए हैं। आगामी पांचवें टेस्ट में यशस्वी के पास सुनील गावस्कर के एक टेस्ट सीरीज में 774 रन के 53 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका भी रहेगा। यशस्वी के मौजूदा फॉर्म को देखकर कहा जा सकता है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे मंझे हुए बल्लेबाजों के बाद भी भारतीय टीम सुरक्षित हाथों में रहेगी।

यशस्वी जायसवाल ने भारत-इंग्लैंड सीरीज के पहले मैच में 80 व 15, दूसरे टेस्ट में 209 व 17, तीसरे टेस्ट मैच में 10 व 214 और चौथे टेस्ट में 73 व 37 रन बनाए। राजकोट टेस्ट मैच में तो उन्होंने 90.67 की स्ट्राइक रेट से 214 रन बनाए और वीरेंद्र सहवाग के बाद ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए।
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सहवाग ने ये करिश्मा वर्ष 2006 में पाकिस्तान, वर्ष 2008 में साउथ अफ्रीका और वर्ष 2009 में श्रीलंका के खिलाफ किया था। जायसवाल ने टेस्ट मैच की एक पारी में भारत के लिए सर्वाधिक 12 छक्के लगाने का भी रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के आठ छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ा है। 

जायसवाल की टेस्ट मैचों में रन बनाने की गति को उनके आंकड़ों से यूं समझ जा सकता है कि मात्र 8 टेस्ट मैचों की 15 पारियों में उन्होंने 971 रन बना दिए हैं। उनका औसत 68.91 है, जिसमें तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वो कितनी तेजी से बाउंड्री निकालते हैं, यह इस बात से पता चलता है कि उन्होंने 15 पारियों में 103 चौके और 26 छक्के लगाए हैं।

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22 साल की उम्र में सर्वाधिक चार दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन के नाम है। - फोटो : BCCI
जायसवाल के दोहरे शतक की बदौलत भारत ने राजकोट टेस्ट में इतिहास की सबसे बड़ी जीत भी दर्ज की थी। इंग्लैंड को 434 रनों से हराया, जबकि इससे पहले भारत की सबसे बड़ी जीत वर्ष 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई थी, जब उसने न्यूजीलैंड को 372 रनों से हराया था।

भारत ने वर्ष 2015 में साउथ अफ्रीका को 337 रन, वर्ष 2016 में न्यूजीलैंड को 321 रन और वर्ष 2008 में ऑस्ट्रेलिया को 320 रनों से शिकस्त दी थी।
यशस्वी जायसवाल की कहानी हम सबको पता है कि कैसे वो मात्र 12 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश से मुंबई आ गए थे। बेहद कठिन परिस्थितियों में उन्होंने अपने क्रिकेट करियर को बनाया। यहां तक ठेले पर गोलगप्पे बेचे और मैदान पर रात को कई बार उन्हें सोना पड़ा, लेकिन मात्र 22 साल के यशस्वी जायसवाल ने न केवल खुद को साबित किया है, बल्कि वो अब टीम इंडिया के विराट कोहली जैसे स्तंभ बन गए हैं।

22 साल की उम्र में सर्वाधिक चार दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन के नाम है, जबकि तीन दोहरे शतक दक्षिण अफ्रीका के ग्रैम स्मिथ ने लगाए थे। भारत की ओर से यशस्वी जायसवाल के अलावा विनोद कांबली ने 22 साल की उम्र में दो दोहरे शतक लगाए थे, जिस तरह से यशस्वी जायसवाल आगे बढ़ रहे हैं तो लग रहा है कि वो कई बड़े कीर्तिमान स्थापित करने वाले हैं।

भारत के लिए अगर वो अगले 10 साल तक यूं ही खेलते रहे तो सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तरह वो रनों का अंबार लगा देंगे। सुखद बात यह है कि इस प्रतिभावान युवा को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से भी पूरा सम्मान मिल रहा है और अब वो सेंट्रल कांट्रैक्ट लिस्ट में ग्रेड बी खिलाड़ी में शामिल हो गया है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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