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जरूर जानें: सिर्फ पीली और सफेद नहीं, भारत में कई रंग की होती हैं गाड़ियों की नंबर प्लेट

Sat, 12 Apr 2025 12:43 PM IST
शिखर बरनवाल फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

भारत में सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट सिर्फ पीली और सफेद ही नहीं होती हैं। इनके अलावा भी कई तरह के रंग होते हैं, जो गाड़ियों के प्रकार और उनके उपयोग के बारे में बताते हैं। आइए इस लेख इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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नंबर प्लेट - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Types of number plates in India: भारत की सड़कों पर हर दिन लाखों वाहन दौड़ते हैं, और इन सभी गाड़ियों की पहचान उनके नंबर प्लेट से होती है। आमतौर पर लोग सफेद और पीले रंग की नंबर प्लेट्स के बारे में ही जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कई तरह की नंबर प्लेट्स होती हैं, और हर एक का अलग मतलब होता है? मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर वाहन के लिए नंबर प्लेट अनिवार्य है, जो उसकी रजिस्ट्रेशन की जानकारी दर्शाती है। आइए इस लेख में उन नंबर प्लेट के बारे में विस्तार से जानते हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि उन नंबर प्लेट का क्या काम होता है।

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सफेद नंबर प्लेट
यह सबसे आम नंबर प्लेट है, जिसे निजी वाहनों पर देखा जाता है। सफेद बैकग्राउंड पर काले अक्षरों वाली यह प्लेट निजी कारों, बाइक के लिए होती है। आमतौर पर इन गाड़ियों का प्रयोग निजी काम के लिए किया जाता है। अगर कोई सफेद प्लेट वाला वाहन व्यावसायिक काम में पकड़ा जाता है, तो जुर्माना लग सकता है।

पीली नंबर प्लेट
पीली बैकग्राउंड पर काले अक्षरों वाली नंबर प्लेट व्यावसायिक वाहनों के लिए होती है। टैक्सी, बस, ट्रक और ऑटो-रिक्शा जैसे वाहनों पर यह प्लेट लगी होती है। इन वाहनों के चालकों के पास व्यावसायिक ड्राइविंग परमिट होना जरूरी है, और इनका टैक्स स्ट्रक्चर भी निजी वाहनों से अलग होता है। यह प्लेट इस बात का संकेत देती है कि वाहन का इस्तेमाल किराए पर या माल परिवहन के लिए किया जा रहा है।
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हरी नंबर प्लेट
पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हरी नंबर प्लेट शुरू की गई है। निजी इलेक्ट्रिक वाहनों पर सफेद अक्षर और व्यावसायिक पर पीले अक्षरों वाली हरी प्लेट होती है। यह प्लेट इलेक्ट्रिक कारों, बाइक और बसों को अलग पहचान देती है। सरकार ने इसे 2020 में लागू किया था ताकि ईको-फ्रेंडली वाहनों को बढ़ावा मिले।

काली नंबर प्लेट
काली बैकग्राउंड पर पीले अक्षरों वाली यह प्लेट किराए पर दी जाने वाली गाड़ियों, जैसे सेल्फ-ड्राइव रेंटल कारों या लक्जरी होटल की गाड़ियों के लिए होती है। खास बात यह है कि इन वाहनों को चलाने के लिए चालक को व्यावसायिक लाइसेंस की जरूरत नहीं होती। यह प्लेट व्यावसायिक वाहनों को निजी तौर पर इस्तेमाल करने की सुविधा देती है।

नीली नंबर प्लेट
विदेशी राजनयिकों और दूतावासों के वाहनों के लिए नीली नंबर प्लेट होती है, जिस पर सफेद अक्षरों में नंबर लिखा होता है। इसमें देश कोड और 'सीसी' (कॉन्सुलर कॉर्प्स), 'डीसी' (डिप्लोमैटिक कॉर्प्स) या 'यूएन' (यूनाइटेड नेशंस) जैसे कोड होते हैं। इनमें राज्य कोड की जगह देश कोड होता है।

लाल नंबर प्लेट
यह अस्थायी रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों के लिए होती है। सफेद अक्षरों वाली लाल प्लेट नए वाहनों पर लगाई जाती है, जिनका स्थायी रजिस्ट्रेशन बाकी होता है। इसकी वैधता एक महीने की होती है, और कुछ राज्यों में ऐसी गाड़ियों को सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं होती।

लाल प्लेट और भारतीय प्रतीक
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल के वाहनों पर लाल नंबर प्लेट होती है, जिस पर भारतीय प्रतीक चिन्ह बना होता है। यह विशेष सम्मान का प्रतीक है।

ऊपर की ओर तीर वाली प्लेट
सैन्य वाहनों के लिए यह प्लेट होती है, जिसमें तीर का निशान और खास कोड होता है। यह रक्षा मंत्रालय के अधीन रजिस्टर्ड होती है। इस नंबर प्लेट पर काले बैकग्राउंड पर सफेद अक्षर में लिखा जाता है।

ये नंबर प्लेट्स न सिर्फ वाहनों की पहचान करती हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था में भी मदद करती हैं। तो अगली बार सड़क पर गाड़ी देखें, तो उसकी नंबर प्लेट का रंग जरूर गौर करें।

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