ट्रेन में पानी लेने से पहले जरूर जांचें ये चीजें
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ट्रेन का सफर हो और रास्ते में पानी की बोतल न खरीदी जाए, ऐसा कम ही होता है। लंबी यात्रा में प्यास लगने पर यात्री अक्सर जल्दबाजी में बोतल खरीद लेते हैं। लेकिन यही जल्दबाजी कई बार परेशानी का कारण बन सकती है। ट्रेन में बिकने वाले खाने-पीने के सामान से यात्रियों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में खासकर बच्चों के साथ सफर कर रहे यात्रियों को पानी खरीदते समय थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ट्रेन में बच्चों के खान-पान का खास ख्याल रखना चाहिए। तो आज की इस खबर में हम आपको बोतलों के बारे में कुछ जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
बोतल लेने से पहले सील जरूर देखें
पानी की बोतल हाथ में आते ही सबसे पहले उसके ढक्कन और सील पर नजर डालें। ढक्कन ठीक से बंद होना चाहिए और सील टूटी हुई नहीं होनी चाहिए। अगर सील खुली या ढक्कन ढीला नजर आए तो ऐसी बोतल खरीदने से बचें। टूटी सील वाली बोतल में पानी दूषित होने का खतरा हो सकता है।
तारीख देखकर ही खरीदें पानी
बोतल पर दर्ज मैन्युफैक्चरिंग डेट के साथ उसकी एक्सपायरी या इस्तेमाल की आखिरी तारीख भी जरूर जांचें। अगर पानी की बोतल एक्सपायरी के करीब है तो उसे लेने से बचना बेहतर है। सफर में थोड़ी जल्दबाजी के चक्कर में ऐसी बोतल खरीदना भारी पड़ सकता है।
ISI मार्क पर भी दें ध्यान
रेलवे स्टेशन या ट्रेन में पानी खरीदते समय बोतल पर BIS का ISI मार्क भी देखना चाहिए। यह इस बात की जानकारी देता है कि पानी संबंधित मानकों के मुताबिक है। अगर बोतल पर ISI मार्क मौजूद नहीं है तो ऐसी बोतल लेने से बचें।
कहां से खरीदें पानी?
सफर के दौरान पानी के लिए आईआरसीटीसी के स्टाफ या पैंट्री कार के कर्मचारियों से पानी लेना बेहतर है। स्टेशन पर रेलवे के मान्यता वाले स्टॉल भी विकल्प हैं। इसके अलावा कई स्टेशनों पर वाटर वेंडिंग मशीन उपलब्ध होती हैं, जहां से कम कीमत में पानी लिया जा सकता है और बोतल में भरकर सफर के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
खिड़की के पास आने वाले अनजान वेंडर से रहे दूर
ट्रेन की खिड़की के पास कई बार अनजान वेंडर पानी की बोतलें बेचते दिखाई देते हैं। ऐसे लोगों से पानी खरीदने से बचना चाहिए। उनकी बोतलों में मौजूद पानी की क्वालिटी पर भरोसा करना मुश्किल होता है। दूषित पानी पीने से तबीयत खराब हो सकती है और पूरा ट्रेन सफर परेशानी में बदल सकता है।