Maha Shivratri 2025: नटराज मूर्ति शिव के एक विशेष रूप को दर्शाती है। इस मूर्ति में शिव को ब्रह्मांड के नृतक (Cosmic Dancer) के रूप में दर्शाया गया है। यह प्रतिमा शिव के तांडव नृत्य को दिखाती है, जो कि सृष्टि के निर्माण, पालन और विनाश के अनंत चक्र का प्रतीक है। इस मूर्ति का आध्यात्मिक महत्व तो है ही साथ ही साथ इसे भौतिक विज्ञान और ब्राह्मांड की गतिशीलता का भी प्रतीक माना गया है। वहीं आधूनिक विज्ञान भी इस मूर्ति में छिपे गूढ़ दर्शन को समझ रहा है। स्विट्जरलैंड के सर्न (CERN – European Organization for Nuclear Research) में स्थापित नटराज की मूर्ति इस बात की गवाह है। सर्न में स्थापित 2 मीटर लंबी, कांस्य से बनी यह नटराज मूर्ति इस बात का प्रतीक है कि भारतीय दर्शन और आधुनिक भौतिकी विज्ञान कई मायनों में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।