चलती ट्रेन से फेंक दिए जाने के बाद अपना दोनों पैर गंवा चुकी अरुणिमा सिन्हा का कहना है कि क्रिकेटर युवराज सिंह से प्रेरित होकर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की प्रेरणा मिली।
उत्तर प्रदेश की पूर्व फुटबालर और वॉलीबाल खिलाड़ी 26 वर्षीय लड़की ने कहा कि ट्रेन हादसे उनके कैरियर में तबाही ला दी। वह एक खिलाड़ी के रूप में देश का प्रतिनिधित्व करना चाहती थी।
अरुणिमा ने कहा, ‘चार महीने मैं एम्स में भर्ती रही। यह बहुत खराब दिन था। मैं जब अस्पताल से छूटी तो मेरे कई अधूरे सपने थे, जिनमें से एक एवरेस्ट पर चढ़ना भी है। उम्मीद है कि मैं इस मुकाम को हासिल करने में कामयाब होऊंगी।’
उन्होंने यह भी कहा कि वह माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का फैसला तब किया जब वह अस्पताल में भर्ती थीं। अब अरुणिमा कृत्रिम अंग के सहारे एवरेस्ट पर चढ़ने का बीड़ा उठाया है।
अरुणिमा ने कहा, ‘मुझे इलाज के दौरान अपने परिजनों के अलावा युवराज सिंह से प्रेरणा मिली। जब मैं प्रशिक्षण ले रही थी तो मैंने सोचा अगर युवराज सिंह कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से उबर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं और भारत के लिए खेल सकती हूं। यहां तक कि एवरेस्ट पर चढ़ने का ख्वाब भी पूरा कर सकती हूं।
अरुणिमा इसके लिए अभियान की प्रायोजक कंपनी टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन में प्रशिक्षण ले रही हैं।
टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रमुख बछेंद्री पाल ने बताया, ‘अरुणिमा अपने काम के प्रति काफी प्रतिबद्ध है। उसकी मानसिक दृढ़ता भी काफी मजबूत है। मेरा मानना है कि उसमें वह सभी गुण हैं, जो एक माउंटेनियर बनने के लिए होता है।’