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Tennis Controversy: महिला खिलाड़ियों का होगा जेंडर टेस्ट! WTA के फैसले पर बंटा टेनिस जगत; जानें किसने क्या कहा

Fri, 14 Aug 2026 11:26 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

महिला टेनिस खिलाड़ियों के लिए एसआरवाई जीन टेस्ट अनिवार्य करने के डब्ल्यूटीए के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। कुछ खिलाड़ियों ने इसे प्रतियोगिता में निष्पक्षता के लिए जरूरी बताया, जबकि स्पोर्ट्स एंड राइट्स एलायंस ने इसे भेदभावपूर्ण और नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया। आर्यना सबालेंका ने फैसले का समर्थन किया है, जबकि कोको गॉफ ने चिंता जताई है।
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टेनिस में बड़ा विवाद - फोटो : instagram
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विस्तार
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महिला टेनिस में प्रतिस्पर्धा को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। महिला टेनिस संघ (WTA) ने महिला खिलाड़ियों के लिए एक बार SRY जीन टेस्ट कराने की नीति पेश की है। इसके तहत महिला खिलाड़ियों की आनुवंशिक जांच की जाएगी और डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट में खेलने के लिए यह टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह जांच गाल के अंदर से लिए गए स्वैब या ब्लड सैंपल के जरिए की जा सकती है। डब्ल्यूटीए का यह कदम खेल में जैविक पहचान से जुड़े विवादों और प्रतिस्पर्धा की निष्पक्षता के सवालों के बीच आया है।
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हालांकि, इस फैसले को लेकर खेल जगत की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे महिला प्रतियोगिताओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि खिलाड़ियों की इस तरह जांच करना कलंक और मानसिक परेशानी का कारण बन सकता है।

'महिलाओं को इससे नुकसान हो सकता है'
स्पोर्ट्स एंड राइट्स एलायंस ने डब्ल्यूटीए से अपनी नीति पर दोबारा विचार करने की अपील की है। संगठन की कार्यकारी निदेशक एंड्रिया फ्लोरेंस ने जेंडर टेस्टिंग को लेकर गंभीर चिंता जताई। फ्लोरेंस ने कहा, 'डब्ल्यूटीए यह दावा कर सकता है कि उसका इरादा नुकसान पहुंचाने का नहीं है, लेकिन अच्छे इरादे भी उस कलंक और मानसिक आघात को कभी खत्म नहीं कर सकते, जिसका सामना महिलाओं और लड़कियों को जेंडर टेस्टिंग के कारण करना पड़ेगा।' आलोचकों का तर्क है कि ऐसी जांच महिला खिलाड़ियों को अनावश्यक जांच और सार्वजनिक चर्चा के दायरे में ला सकती है। इसी वजह से नीति को भेदभावपूर्ण और अनावश्यक बताया जा रहा है।

सबालेंका ने किया फैसले का समर्थन
दुनिया की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने डब्ल्यूटीए के फैसले का समर्थन किया है। कनाडियन ओपन के दौरान उन्होंने कहा कि महिला टेनिस में निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। सबालेंका ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमारे टूर में निष्पक्षता बनाए रखना वास्तव में महत्वपूर्ण है। जैविक रूप से पुरुष महिलाओं की तुलना में अधिक मजबूत होते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि किसी जैविक पुरुष के लिए महिलाओं के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करना महिलाओं के लिए उचित नहीं होगा।'

उन्होंने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि इस फैसले तक पहुंचने में उन्हें थोड़ा समय लगा और मैं इसका समर्थन करती हूं। मैं अपने ऊपर और अपने लक्ष्यों पर ध्यान दे रही हूं। अगर वे हम सभी का टेस्ट करना चाहते हैं तो मुझे खुशी है कि मैं यह कराऊंगी। यह उचित है और हमें इसे इसी तरह बनाए रखना चाहिए।'
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कोको गॉफ ने जताई अलग चिंता
अमेरिकी स्टार कोको गॉफ ने इस मुद्दे पर थोड़ा अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जेंडर टेस्टिंग की नीति से ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ नकारात्मक माहौल और शत्रुता बढ़ सकती है। इस तरह डब्ल्यूटीए के फैसले ने महिला टेनिस में निष्पक्षता, खिलाड़ियों के अधिकार और जेंडर पहचान से जुड़े सवालों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि डब्ल्यूटीए आलोचनाओं के बीच अपनी नई नीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।
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