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World Para Athletics: अजीत ने बनाया एशियाई रिकॉर्ड, लेकिन कैटेगरी में किए गए डिसक्वालिफाई; छीना गया स्वर्ण

Fri, 14 Jul 2023 02:09 AM IST
रोहित राज अमर उजाला ब्यूरो

सार

अजीत पांचाल ने 11 जुलाई को 21.17 मीटर डिस्कस फेंककर एशियाई रिकॉर्ड बनाकर देश को विश्व पैरा एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण पदक दिलाया, लेकिन उनकी यह खुशी कुछ ही देर में गायब हो गई। सूत्र बताते हैं कि उनकी कैटेगरी के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया, जिसमें कहा गया कि अजीत की इंजुरी उतनी घातक नहीं है जिससे वह एफ-52 कैटेगरी में खेल सकें।
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अजीत कुमार पांचाल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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टोक्यो पैरालंपिक की कहानी पेरिस में खेली जा रही पैरा विश्व चैंपियनशिप में दोहराई गई। अजीत कुमार पांचाल ने डिस्कस थ्रो की एफ-52 कैटेगरी में एशियाई रिकॉर्ड के साथ न सिर्फ स्वर्ण जीता बल्कि पेरिस पैरालंपिक का टिकट भी हासिल किया, लेकिन एक घंटे बाद ही पदक समारोह से ठीक पहले उन्हें डिस्क्वालिफाई कर उनका स्वर्ण छीन लिया गया। विश्व चैंपियनशिप में हुई किरकिरी के पीछे क्लासिफिकेशन का मामला है। अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक कमेटी (आईपीसी) ने अजीत को एफ-52 कैटेगरी में खेलने के अयोग्य घोषित किया है।
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अजीत के खिलाफ हुआ प्रोटेस्ट
अजीत पांचाल ने 11 जुलाई को 21.17 मीटर डिस्कस फेंककर एशियाई रिकॉर्ड बनाकर देश को विश्व पैरा एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण पदक दिलाया, लेकिन उनकी यह खुशी कुछ ही देर में गायब हो गई। सूत्र बताते हैं कि उनकी कैटेगरी के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया, जिसमें कहा गया कि अजीत की इंजुरी उतनी घातक नहीं है जिससे वह एफ-52 कैटेगरी में खेल सकें। इसके बाद आईपीसी के क्लासिफिकेशन पैनल ने अजीत को कैटेगरी की समीक्षा के लिए बुला लिया।

एंट्री लिस्ट से भी हटाया गया नाम
सूत्र बताते हैं कि तकरीबन चार घंटे तक विवादों के बीच अजीत का क्लासिफिकेशन चला, जिसमें उन्हें एफ-52 से कम घातक इंजुरी वाली कैटेगरी एफ-54 में डाल दिया और उनका स्वर्ण पदक भी छीन कर उन्हें एफ-52 की एंट्री लिस्ट से ही हटा दिया गया। टोक्यो पैरालंपिक में भी इसी कैटेगरी में कांस्य जीतने वाले विनोद कुमार को डिसक्वालिफाई किया गया था। उन पर बाद में दो साल का प्रतिबंध भी लगा था।
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भारत ने जताया विरोध
भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक सत्यपाल सिंह का कहना है कि अजीत का पांच साल पहले क्लासिफिकेशन जर्मनी में अंतराष्ट्रीय स्तर पर हुआ था। उसने इसी कैटेगरी में शारजाह ओपन में स्वर्ण भी जीता। अब इतने महत्वपूर्ण मौके पर उसे डिसक्वालिफाई करना ठीक नहीं है। आईपीसी से इस बारे में विरोध भी जताया गया है।
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